जहानाबाद में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने ‘गुरु गोष्ठी’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) सरस्वती कुमारी ने प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर भविष्य का रोडमैप तैयार किया और कई कड़े निर्देश दिए। इस पहल का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाना और शिक्षण गतिविधियों की समीक्षा करना है। यह कार्यक्रम जहानाबाद, मखदुमपुर, मोदनगंज, घोसी, काको और हुलासगंज प्रखंडों में आयोजित किया गया, जहां शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने प्रधानाचार्यों से सीधा संवाद किया। मखदुमपुर प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय में आयोजित मुख्य गोष्ठी को संबोधित करते हुए DEO सरस्वती कुमारी ने स्पष्ट किया कि अब शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने लगभग 200 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रधानशिक्षकों को बच्चों को नियमित होमवर्क देने और शिक्षकों द्वारा उसकी प्रतिदिन जांच अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया। विद्यालय का वातावरण ऐसा हो, कि बच्चे स्वयं आकर्षित हों DEO ने इस बात पर भी जोर दिया कि विद्यालय का वातावरण ऐसा होना चाहिए जिससे बच्चे स्वयं आकर्षित हों। इसके लिए उन्होंने साफ-सफाई की उचित व्यवस्था, बच्चों का अनिवार्य रूप से यूनिफॉर्म में आना और वर्ग-सापेक्ष शिक्षण पद्धतियों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अनुशासन और प्रेरणादायक माहौल को बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम बताया। प्रधानाध्यापकों ने विद्यालयों की समस्याएं बताईं जिले के अन्य प्रखंडों में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुष्मिता भारद्वाज और गोविंद कुमार ने भी प्रधानाध्यापकों के साथ विस्तृत चर्चा की। गोष्ठी के दौरान प्रधानाध्यापकों ने अपने विद्यालयों की समस्याओं, संसाधनों की कमी और नवाचारी सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे। DEO सरस्वती कुमारी ने कई प्रधानाचार्यों द्वारा प्रस्तुत किए गए रचनात्मक कार्यों और नवाचारपूर्ण शिक्षण विधियों की सराहना की और उन्हें अन्य विद्यालयों के लिए रोल मॉडल बताया। जहानाबाद में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने ‘गुरु गोष्ठी’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) सरस्वती कुमारी ने प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर भविष्य का रोडमैप तैयार किया और कई कड़े निर्देश दिए। इस पहल का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाना और शिक्षण गतिविधियों की समीक्षा करना है। यह कार्यक्रम जहानाबाद, मखदुमपुर, मोदनगंज, घोसी, काको और हुलासगंज प्रखंडों में आयोजित किया गया, जहां शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने प्रधानाचार्यों से सीधा संवाद किया। मखदुमपुर प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय में आयोजित मुख्य गोष्ठी को संबोधित करते हुए DEO सरस्वती कुमारी ने स्पष्ट किया कि अब शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने लगभग 200 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रधानशिक्षकों को बच्चों को नियमित होमवर्क देने और शिक्षकों द्वारा उसकी प्रतिदिन जांच अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया। विद्यालय का वातावरण ऐसा हो, कि बच्चे स्वयं आकर्षित हों DEO ने इस बात पर भी जोर दिया कि विद्यालय का वातावरण ऐसा होना चाहिए जिससे बच्चे स्वयं आकर्षित हों। इसके लिए उन्होंने साफ-सफाई की उचित व्यवस्था, बच्चों का अनिवार्य रूप से यूनिफॉर्म में आना और वर्ग-सापेक्ष शिक्षण पद्धतियों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अनुशासन और प्रेरणादायक माहौल को बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम बताया। प्रधानाध्यापकों ने विद्यालयों की समस्याएं बताईं जिले के अन्य प्रखंडों में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुष्मिता भारद्वाज और गोविंद कुमार ने भी प्रधानाध्यापकों के साथ विस्तृत चर्चा की। गोष्ठी के दौरान प्रधानाध्यापकों ने अपने विद्यालयों की समस्याओं, संसाधनों की कमी और नवाचारी सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे। DEO सरस्वती कुमारी ने कई प्रधानाचार्यों द्वारा प्रस्तुत किए गए रचनात्मक कार्यों और नवाचारपूर्ण शिक्षण विधियों की सराहना की और उन्हें अन्य विद्यालयों के लिए रोल मॉडल बताया।


