सरकारी भवनों में फास्ट टैग पार्किंग होगी, सुरक्षा उपकरण परखे जाएंगे

सरकारी भवनों में फास्ट टैग पार्किंग होगी, सुरक्षा उपकरण परखे जाएंगे

हाई कोर्ट, सिविल कोर्ट के बाद बिहार विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया है। पटना सेंट्रल रेंज के आईजी जितेंद्र राणा ने पटना के महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शनिवार को बैठक की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन संस्थानों में आंतरिक और बाहरी सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही वहां लगे सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की जाए। हाई कोर्ट, सिविल कोर्ट, विधानसभा, सचिवालय सहित अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में लगे सुरक्षा उपकरणों की जांच एसआई रैंक के अधिकारी करेंगे। सुरक्षा में तैनात पदाधिकारी अपने कर्मियों को समय-समय पर ब्रीफिंग देंगे। आईजी ने कहा कि महत्वपूर्ण संस्थानों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) युक्त स्टिकर लगे वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था हो, ताकि केवल वैध गाड़ियों की ही पार्किंग हो सके। विस गेट पर आईडी जांच के बाद ही प्रवेश मिले : प्रेम क्या है फास्ट टैग पार्किंग रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन पार्किंग सिस्टम में आरएफआईडी टैग का इस्तेमाल होता है। इसे वाहन की विंडशील्ड या नंबर प्लेट पर चिपकाया जाता है, जबकि गेट पर रीडर लगा होता है। वाहन आने पर रीडर टैग को स्कैन कर गेट खोल देता है। ऐसी सुविधा होने पर वही वाहन महत्वपूर्ण भवनों में जा सकेंगे, जिन पर स्टिकर लगा होगा। अज्ञात वाहनों पर सुरक्षा एजेंसियां नजर रख सकेंगी। धमकी की हो रही जांच विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी के मामले में सचिवालय थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि मेल आउटलुक डॉट कॉम से आया है। इससे पहले हाईकोर्ट और सिविल कोर्ट को भी आउटलुक डॉट कॉम से ही बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। देश के अन्य शहरों में भी प्रमुख संस्थानों को इसी तरह बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। बिहार विधानसभा परिसर और विधायकों के आवास की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने को लेकर अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने डीएम और एसएसपी को निर्देश दिया कि विधानसभा के मुख्य गेट पर व्यक्तियों की आईडी जांच के बाद ही परिसर में प्रवेश दिया जाए। विधान मंडल परिसर और अन्य गेटों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कर सख्त निगरानी रखी जाए। बीच-बीच में मॉक ड्रिल कराई जाए। वरीय अधिकारी खुद आकर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लें। विस अध्यक्ष ने कहा कि विधायकों के वीरचंद पटेल पथ और आर ब्लॉक स्थित आवासों की सुरक्षा व्यवस्था को भी दुरुस्त रखा जाए। बैठक में विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह भी मौजूद रहे। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष ने लेफ्टिनेंट जनरल (से.) सैयद अता हसनैन को राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण करने पर शुभकामनाएं दीं। हाई कोर्ट, सिविल कोर्ट के बाद बिहार विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया है। पटना सेंट्रल रेंज के आईजी जितेंद्र राणा ने पटना के महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शनिवार को बैठक की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन संस्थानों में आंतरिक और बाहरी सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही वहां लगे सुरक्षा उपकरणों की भी जांच की जाए। हाई कोर्ट, सिविल कोर्ट, विधानसभा, सचिवालय सहित अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में लगे सुरक्षा उपकरणों की जांच एसआई रैंक के अधिकारी करेंगे। सुरक्षा में तैनात पदाधिकारी अपने कर्मियों को समय-समय पर ब्रीफिंग देंगे। आईजी ने कहा कि महत्वपूर्ण संस्थानों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (आरएफआईडी) युक्त स्टिकर लगे वाहनों के लिए पार्किंग की व्यवस्था हो, ताकि केवल वैध गाड़ियों की ही पार्किंग हो सके। विस गेट पर आईडी जांच के बाद ही प्रवेश मिले : प्रेम क्या है फास्ट टैग पार्किंग रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन पार्किंग सिस्टम में आरएफआईडी टैग का इस्तेमाल होता है। इसे वाहन की विंडशील्ड या नंबर प्लेट पर चिपकाया जाता है, जबकि गेट पर रीडर लगा होता है। वाहन आने पर रीडर टैग को स्कैन कर गेट खोल देता है। ऐसी सुविधा होने पर वही वाहन महत्वपूर्ण भवनों में जा सकेंगे, जिन पर स्टिकर लगा होगा। अज्ञात वाहनों पर सुरक्षा एजेंसियां नजर रख सकेंगी। धमकी की हो रही जांच विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी के मामले में सचिवालय थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि मेल आउटलुक डॉट कॉम से आया है। इससे पहले हाईकोर्ट और सिविल कोर्ट को भी आउटलुक डॉट कॉम से ही बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। देश के अन्य शहरों में भी प्रमुख संस्थानों को इसी तरह बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। बिहार विधानसभा परिसर और विधायकों के आवास की सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने को लेकर अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने डीएम और एसएसपी को निर्देश दिया कि विधानसभा के मुख्य गेट पर व्यक्तियों की आईडी जांच के बाद ही परिसर में प्रवेश दिया जाए। विधान मंडल परिसर और अन्य गेटों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त कर सख्त निगरानी रखी जाए। बीच-बीच में मॉक ड्रिल कराई जाए। वरीय अधिकारी खुद आकर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लें। विस अध्यक्ष ने कहा कि विधायकों के वीरचंद पटेल पथ और आर ब्लॉक स्थित आवासों की सुरक्षा व्यवस्था को भी दुरुस्त रखा जाए। बैठक में विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह भी मौजूद रहे। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष ने लेफ्टिनेंट जनरल (से.) सैयद अता हसनैन को राज्यपाल के रूप में शपथ ग्रहण करने पर शुभकामनाएं दीं।  

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