बक्सर के समग्र विकास और पौराणिक तीर्थ स्थलों के संरक्षण का मुद्दा अब संसद तक पहुंच गया है। बजट सत्र के दौरान राज्यसभा में सांसद मानन कुमार ने केंद्र सरकार का ध्यान बक्सर की ओर आकर्षित किया। उन्होंने विश्वामित्र सेना द्वारा लंबे समय से चलाए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए जिले के विकास और सुविधाओं की मांग की। रामरेखा घाट, सिद्धाश्रम, वामन अवतार स्थल हो विकसित सांसद मानन कुमार ने सदन को बताया कि बक्सर प्राचीन काल से धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। यहां रामरेखा घाट, सिद्धाश्रम, वामन अवतार स्थल, वामलेश्वर मंदिर, नाथबाबा मंदिर और ब्रह्मणेश्वर स्थान जैसे कई ऐतिहासिक तीर्थ स्थल मौजूद हैं। उन्होंने अयोध्या, काशी, उज्जैन और द्वारका की तर्ज पर बक्सर को विकसित करने की अपार संभावनाओं पर जोर दिया। हालांकि, सांसद ने यह भी कहा कि अब तक बक्सर में आधारभूत सुविधाओं, पर्यटन ढांचे, आवागमन और स्वच्छता के क्षेत्र में अपेक्षित कार्य नहीं हो सका है। उन्होंने केंद्र सरकार से बक्सर में पर्यटन आधारित विकास, सड़क एवं परिवहन व्यवस्था में सुधार, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष योजनाएं संचालित करने की मांग की। इधर, विश्वामित्र सेना के सदस्य रवि राज कुमार ने बताया कि उनका संगठन लंबे समय से बक्सर को अयोध्या-काशी की तर्ज पर विकसित करने और सनातन संस्कृति के संरक्षण की मांग उठा रहा है। सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने सनातन जोड़ो यात्रा, गंगा आरती, रामनवमी पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा और विभिन्न प्रेस वार्ताओं के माध्यम से लगातार बक्सर के विकास का मुद्दा उठाया है। रवि राज कुमार ने कहा कि इन्हीं अथक प्रयासों का परिणाम है कि बक्सर से जुड़े मुद्दे अब राजनीतिक गलियारों में प्रमुखता से उठने लगे हैं। राज्यसभा से लेकर लोकसभा तक विश्वामित्र सेना की मांगों की गूंज सुनाई दे रही है। अयोध्या और काशी की तरह स्थापित हो बक्सर इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राजकुमार चौबे ने विश्वास व्यक्त किया कि जल्द ही यह गूंज बक्सर तक विकास के रूप में पहुंचेगी। उन्होंने कहा, “हमारा संकल्प है कि बक्सर की पहचान अयोध्या और काशी की तरह स्थापित हो। जब तक यह लक्ष्य पूरा नहीं होगा, हमारी आवाज लगातार बुलंद रहेगी।” स्थानीय लोगों को भी उम्मीद है कि संसद में उठी यह मांग अब बक्सर के विकास की नई राह खोलेगी। इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। बक्सर के समग्र विकास और पौराणिक तीर्थ स्थलों के संरक्षण का मुद्दा अब संसद तक पहुंच गया है। बजट सत्र के दौरान राज्यसभा में सांसद मानन कुमार ने केंद्र सरकार का ध्यान बक्सर की ओर आकर्षित किया। उन्होंने विश्वामित्र सेना द्वारा लंबे समय से चलाए जा रहे प्रयासों का उल्लेख करते हुए जिले के विकास और सुविधाओं की मांग की। रामरेखा घाट, सिद्धाश्रम, वामन अवतार स्थल हो विकसित सांसद मानन कुमार ने सदन को बताया कि बक्सर प्राचीन काल से धार्मिक और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है। यहां रामरेखा घाट, सिद्धाश्रम, वामन अवतार स्थल, वामलेश्वर मंदिर, नाथबाबा मंदिर और ब्रह्मणेश्वर स्थान जैसे कई ऐतिहासिक तीर्थ स्थल मौजूद हैं। उन्होंने अयोध्या, काशी, उज्जैन और द्वारका की तर्ज पर बक्सर को विकसित करने की अपार संभावनाओं पर जोर दिया। हालांकि, सांसद ने यह भी कहा कि अब तक बक्सर में आधारभूत सुविधाओं, पर्यटन ढांचे, आवागमन और स्वच्छता के क्षेत्र में अपेक्षित कार्य नहीं हो सका है। उन्होंने केंद्र सरकार से बक्सर में पर्यटन आधारित विकास, सड़क एवं परिवहन व्यवस्था में सुधार, रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष योजनाएं संचालित करने की मांग की। इधर, विश्वामित्र सेना के सदस्य रवि राज कुमार ने बताया कि उनका संगठन लंबे समय से बक्सर को अयोध्या-काशी की तर्ज पर विकसित करने और सनातन संस्कृति के संरक्षण की मांग उठा रहा है। सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने सनातन जोड़ो यात्रा, गंगा आरती, रामनवमी पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा और विभिन्न प्रेस वार्ताओं के माध्यम से लगातार बक्सर के विकास का मुद्दा उठाया है। रवि राज कुमार ने कहा कि इन्हीं अथक प्रयासों का परिणाम है कि बक्सर से जुड़े मुद्दे अब राजनीतिक गलियारों में प्रमुखता से उठने लगे हैं। राज्यसभा से लेकर लोकसभा तक विश्वामित्र सेना की मांगों की गूंज सुनाई दे रही है। अयोध्या और काशी की तरह स्थापित हो बक्सर इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राजकुमार चौबे ने विश्वास व्यक्त किया कि जल्द ही यह गूंज बक्सर तक विकास के रूप में पहुंचेगी। उन्होंने कहा, “हमारा संकल्प है कि बक्सर की पहचान अयोध्या और काशी की तरह स्थापित हो। जब तक यह लक्ष्य पूरा नहीं होगा, हमारी आवाज लगातार बुलंद रहेगी।” स्थानीय लोगों को भी उम्मीद है कि संसद में उठी यह मांग अब बक्सर के विकास की नई राह खोलेगी। इससे क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।


