मुजफ्फरपुर जिले में कड़ाके की ठंड जारी है। पछुआ हवा के साथ कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। बुधवार की सुबह जिले के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा और विजिबिलिटी घटकर 50 से 100 मीटर के बीच दर्ज की गई। इसके कारण सड़कों पर वाहन बेहद धीमी रफ्तार से चलते नजर आए। मौसम विभाग के वैज्ञानिक सत्तार के अनुसार, जिले का न्यूनतम तापमान गिरकर 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जो सामान्य से नीचे है। वहीं, अधिकतम तापमान भी 15 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। ठंडी पछुआ हवाओं के कारण दिन में भी ठंड का अहसास बना हुआ है। सुबह करीब 9 से 10 बजे के बाद धूप निकलने से कोहरे में कुछ कमी आई और विजिबिलिटी बढ़कर 800 से 1200 मीटर तक पहुंच गई, लेकिन धूप कमजोर रहने के कारण ठंड से खास राहत नहीं मिली। शाम ढलते ही एक बार फिर धुंध बढ़ने लगी है और देर रात और सुबह कोहरा छाने की संभावना जताई गई है। कोहरे और कम विजिबिलिटी का असर यातायात पर भी साफ दिखा। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही सदर अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सर्दी-खांसी, बुखार, सांस लेने में परेशानी और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टरों ने खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ कमजोर है, ऐसे में अगले 24 से 48 घंटे तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। लोगों को सुबह और शाम गर्म कपड़े पहनने, अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मुजफ्फरपुर जिले में कड़ाके की ठंड जारी है। पछुआ हवा के साथ कोहरे ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। बुधवार की सुबह जिले के कई इलाकों में घना कोहरा छाया रहा और विजिबिलिटी घटकर 50 से 100 मीटर के बीच दर्ज की गई। इसके कारण सड़कों पर वाहन बेहद धीमी रफ्तार से चलते नजर आए। मौसम विभाग के वैज्ञानिक सत्तार के अनुसार, जिले का न्यूनतम तापमान गिरकर 8 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है, जो सामान्य से नीचे है। वहीं, अधिकतम तापमान भी 15 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। ठंडी पछुआ हवाओं के कारण दिन में भी ठंड का अहसास बना हुआ है। सुबह करीब 9 से 10 बजे के बाद धूप निकलने से कोहरे में कुछ कमी आई और विजिबिलिटी बढ़कर 800 से 1200 मीटर तक पहुंच गई, लेकिन धूप कमजोर रहने के कारण ठंड से खास राहत नहीं मिली। शाम ढलते ही एक बार फिर धुंध बढ़ने लगी है और देर रात और सुबह कोहरा छाने की संभावना जताई गई है। कोहरे और कम विजिबिलिटी का असर यातायात पर भी साफ दिखा। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही सदर अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सर्दी-खांसी, बुखार, सांस लेने में परेशानी और अन्य मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टरों ने खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को ठंड से बचाव के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ कमजोर है, ऐसे में अगले 24 से 48 घंटे तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। लोगों को सुबह और शाम गर्म कपड़े पहनने, अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।


