ना बजट था, ना उम्मीदें, कर्ज उतारने के लिए बनी ‘डॉन’ ने 47 साल पहले रचा था इतिहास

ना बजट था, ना उम्मीदें, कर्ज उतारने के लिए बनी ‘डॉन’ ने 47 साल पहले रचा था इतिहास

Amitabh Bachchan Film Don: ‘खइके पान बनारस वाला’ और ‘अरे दीवानों मुझे पहचानों’, ये गाने साल 1978 में आई सुपरहिट फिल्म ‘डॉन’ के हैं। अमिताभ बच्चनजीनत अमान स्टारर इस फिल्म के निर्देशक चंद्रा बरोट और निर्माता नरीमन ईरानी थे। फिल्म की कहानी उस दौर की जानी-मानी जोड़ी सलीम-जावेद ने लिखी थी। और इसका म्यूजिक कल्याण जी-आनंद जी ने दिया था। आज हम फिल्म से जुड़ा एक किस्सा बताने जा रहे हैं कि कैसे हुई थी इस फिल्म की शुरुआत और क्यों बनाई गई थी ये फिल्म जो उस दौर की सबसे बड़ी हिट बन गई?

अमिताभ बच्चन की सबसे सफल फिल्मों में से एक थी डॉन

Amitabh Bachchan and Zeenat Aman in Don
डॉन फिल्म के एक सीन में अमिताभ बच्चन और जीनत अमान। (फोटो सोर्स: IMDb)

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन की डॉन उनकी सबसे सफल फिल्मों में से एक थी। 47 साल पहले आई ये फिल्म उस साल की तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म थी। कल्ट क्लासिक फिल्म डॉन में अमिताभ बच्चन और जीनत अमान के अलावा प्राण, इफ्तिखार, ओम शिवपुरी, सत्येन कप्पू, कमल कपूर, हेलेन, एमबी शेट्टी, मैकमोहन, युसूफ खान और पिंचू कपूर अहम किरदारों में नजर आए थे।

क्यों बनाई गई थी ‘डॉन’?

आपको बता दें कि इस सुपरहिट फिल्म के बनने की कहानी मनोज कुमार की फिल्म ‘रोटी कपड़ा और मकान’ से शुरू हुई थी। इस फिल्म के प्रोड्यूसर नरीमन ईरानी 70 के दशक के बड़े कैमरामैन थे। उन्होंने 1972 में सुनील दत्त-वहीदा रहमान के साथ एक फिल्म ‘जिंदगी-जिंदगी’ बनाई थी। यह फिल्म फ्लॉप रही। ईरानी पर 12 लाख का कर्जा हो गया। और उसी दौरान ही ‘रोटी कपड़ा और मकान’ के सेट पर अमिताभ बच्चन-जीनत अमान और प्राण ने उन्हें एक और फिल्म बनाने का सुझाव दिया। साथ ही उनकी अगली फिल्म में फ्री में काम करने का भी वादा किया। नरीमन ईरानी स्क्रिप्ट राइटर जोड़ी सलीम-जावेद के पास पहुंचे। ‘डॉन’ फिल्म की रिजेक्टेड स्क्रिप्ट पर काम शुरू किया। डायरेक्शन का जिम्मा चंद्रा बरोट ने लिया।

फिल्म की शूटिंग के दौरान हुआ बड़ा हादसा

फिल्म की शूटिंग 1974 में शुरू हुई। जब फिल्म आधी शूट हुई तब नरीमन ईरानी का सेट पर एक्सीडेंट हो जाने से निधन हो गया। डायरेक्टर चंद्रा बरोट ने फिल्म को पूरा करने के लिए अपनी बहन से 40 हजार का कर्जा लिया। डॉन फिल्म ने 7.2 करोड़ का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था। यह एक सुपरहिट मूवी साबित हुई थी। नरीमन के परिवार का पूरा कर्जा उतर गया था। यह बात अलग है वो फिल्म की सफलता देखने के लिए इस दुनिया में नहीं थे।

टूटे सेट पर फिल्माया गया था गाना ‘खइके पान बनारस वाला’

इसका एक गाना ‘खइके पान बनारस वाला’ आइकॉनिक सॉन्ग माना जाता है। डायरेक्टर चंद्रा बरोट का हाथ तंग था। ऐसे में उन्होंने इस गाने को एक तबेले में शूट किया। गीतकार समीर के पिता अनजान ने यह गाना लिखा था। अनजान बनारस के ही रहने वाले थे। इस गाने में तबेला-भैंस-गोबर सब नजर आता है।

Amitabh Bachchan in Iconic Song of Don
‘खइके पान बनारस वाला’ गाने की फोटोज। (फोटो सोर्स: IMDb)

गीतकार समीर ने अपने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘खइके पान बनारस वाला सॉन्ग ‘डॉन’ के लिए लिखा ही नहीं गया था। इस गाने को देव आनंद की फिल्म बनारसी बाबू (1973) के लिए लिखा गया था। लेकिन देव आनंद को ये गाना पसंद नहीं आया और बाद में इसे डॉन फिल्म में शामिल किया गया… मैं किशोर कुमार को देखने के लिए स्टूडियो पर गया था। लुंगी और पैर में चप्पल डाले आए थे। उन्होंने ‘भंग का रंग जमा हो चकाचक’ शेर सुनते ही कलम रख दी थी। कहा था कि ‘चकाचक’ क्या है? शेर खत्म हुआ और मुखड़ा आया ‘खइके पान बनारस वाला’। इस पर उन्होंने कहा कि वो ‘खइके’ की जगह ‘खाके’ गाएंगे। मेरे पिता ने उनसे मिन्नतें कीं और कहा कि ये शब्द उनकी संस्कृति और भाषा का हिस्सा हैं और इनके बिना गाना असली नहीं लगेगा। फिर किशोर ने पान खाया और पीकदान मंगवाया और कहा कि मैं सिर्फ एक ही टेक दूंगा। और एक बार जब उन्होंने टेक दिया तो ऐसा लगा जैसे यह किशोर नहीं बल्कि बनारस की गलियों में पला-बढ़ा कोई लड़का है।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *