रामनगरी अयोध्या में किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए सेना की ओर से एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं की तत्परता और प्रशासनिक समन्वय की वास्तविक हालात में जांच करना था। मॉक ड्रिल के दौरान जिला चिकित्सालय में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी जैसा माहौल देखने को मिला। दरअसल, यह अभ्यास डोगरा रेजीमेंट हॉस्पिटल के डॉक्टरों और जिला चिकित्सालय के सिविल डॉक्टरों के संयुक्त सहयोग से किया गया। हूटर बजाती गाड़ियों के साथ सेना के जवान 15 घायलों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जिससे अस्पताल परिसर में अचानक हलचल बढ़ गई। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ ने तुरंत मोर्चा संभाल लिया। सभी घायलों का प्राथमिक उपचार शुरू किया गया। इनमें से 10 घायलों की हालत गंभीर दर्शाई गई, जिन्हें तत्काल भर्ती कर इलाज की प्रक्रिया शुरू की गई। पूरी कार्रवाई के दौरान इलाज, ट्रायज और मरीजों की शिफ्टिंग की व्यवस्था को परखा गया। मॉक ड्रिल के दौरान डोगरा रेजीमेंट के डॉक्टर अधिकारी, जिला चिकित्सालय के चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आए। ड्रिल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी वास्तविक आपदा या आपात स्थिति में चिकित्सा सेवाएं, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक समन्वय बिना किसी बाधा के प्रभावी ढंग से काम कर सकें। जिला अस्पताल अधिक्षक डॉ. राजेश सिंह ने कहा इस मॉक ड्रिल का मकसद आपात स्थिति में हमारी तैयारियों की जांच करना था। ऐसी अभ्यासों से कमियां सामने आती हैं और उन्हें समय रहते दुरुस्त किया जा सकता है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को त्वरित और बेहतर उपचार मिल सके।


