रणथंभौर दुर्ग में आज एक बार फिर बाघिन की दस्तक दिखाई दी। जिससे यहां एक बारगी यहां भय का माहौल बन गया। श्रद्धालुओं ने इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग टीम मौके पर पहुंची। यहां पहुंचकर वन विभाग की टीम ने एतिहात के तौर पर सभी श्रद्धालुओं को बाघिन के मूवमेंट से दूर किया। इस दौरान यहां करीब 2 घंटे तक श्रद्धालुओं की आवाजाही रोक दी गई। जब बाघिन का मूवमेंट जंगल की ओर हो गया तो रणथंभौर दुर्ग में प्रवेश फिर से शुरू कर दिया गया। दो घंटे के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकी रणथंभौर टाइगर रिजर्व फर्स्ट के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि रणथंभौर किले क्षेत्र में बाघिन रिद्धी की बेटी RBT-2504 का मूवमेंट देखा गया। जिसकी सूचना श्रद्धालुओं ने वन विभाग को दी। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर तैनात किया गया। यहां टीम गणेश मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित करते हुए बाघिन के मूवमेंट से दूर किया। इस दौरान वन विभाग की टीम ने बाघिन के मार्ग को पूरी तरह क्लियर कराया गया और रणथंभौर दुर्ग के नौलखा गेट को बंद कर दिया। जिसके बाद वन विभाग की टीम की निगरानी में टाइग्रेस शांति से वापस वन क्षेत्र की ओर लौट गई। डीएफओ सिंह ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और किसी प्रकार की जनहानि या नुकसान नहीं हुआ। एहतियातन क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। आपको बता दें कि इससे पहले रणथंभौर दुर्ग के अंदर बाघ के हमले में जैन मंदिर के गार्ड की मौत हो चुकी है। जिसके बाद अब फिर से यहां टाइगर मूवमेंट देखा गया है। ऐसे वन विभाग ने श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील की है।


