शव थैले में ले जाने के मामले में आई रिपोर्ट:शव वाहन पहुंचने के पहले ही बच्चे के शव को लेकर चले गए थे पिता

शव थैले में ले जाने के मामले में आई रिपोर्ट:शव वाहन पहुंचने के पहले ही बच्चे के शव को लेकर चले गए थे पिता

सदर अस्पताल चाईबासा से बच्चे का शव थैले में ले जाने से संबंधित वायरल वीडियो मामले की जांच पूरी कर ली गई है। सदर एसडीओ, चाईबासा ने उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मृत बच्चे का नाम कृष्ण चातोम्बा और उसके पिता का नाम डिम्बा चातोम्बा है। ये लोग बालजोड़ी, नोवामुंडी के रहने वाले हैं। कहा गया है कि बच्चे की मौत के बाद उसके पिता शव वाहन पहुंचने के पहले ही शव काे लेकर चले गए। वायरल वीडियो में बच्चे की उम्र चार वर्ष बताई जा रही थी, जो गलत पाई गई। मृत बच्चा मात्र चार माह का था।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे को बुखार और लूज मोशन की शिकायत होने पर 18 दिसंबर की शाम 5:15 बजे सदर अस्पताल, चाईबासा में भर्ती कराया गया था। जांच में वह मलेरिया पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए बच्चे को एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर कर ने का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन पिता ने वहीं पर इलाज कराने की इच्छा जताई। इस बीच इलाज के दौरान 19 दिसंबर को अपराह्न 1:15 बजे बच्चे की मौत हो गई। एक शव वाहन मनोहरपुर में व दूसरा दुर्घटनाग्रस्त था
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि एक शव वाहन मनोहरपुर में होने और दूसरे के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण शव वाहन की उपलब्धता में देरी हुई। हालांकि, परिजनों को प्रतीक्षा करने को कहा गया था। अपराह्न 4:40 बजे शव वाहन अस्पताल पहुंचा, लेकिन तब तक बच्चे के पिता शव लेकर जा चुके थे। बच्चे के पिता के पास मोबाइल नहीं होने के कारण उनसे संपर्क भी नहीं हो सका। जांच रिपोर्ट में क्षतिग्रस्त शव वाहन की शीघ्र मरम्मत कराने का प्रस्ताव भी दिया गया है। सदर अस्पताल चाईबासा से बच्चे का शव थैले में ले जाने से संबंधित वायरल वीडियो मामले की जांच पूरी कर ली गई है। सदर एसडीओ, चाईबासा ने उपायुक्त, पश्चिमी सिंहभूम को जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मृत बच्चे का नाम कृष्ण चातोम्बा और उसके पिता का नाम डिम्बा चातोम्बा है। ये लोग बालजोड़ी, नोवामुंडी के रहने वाले हैं। कहा गया है कि बच्चे की मौत के बाद उसके पिता शव वाहन पहुंचने के पहले ही शव काे लेकर चले गए। वायरल वीडियो में बच्चे की उम्र चार वर्ष बताई जा रही थी, जो गलत पाई गई। मृत बच्चा मात्र चार माह का था।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे को बुखार और लूज मोशन की शिकायत होने पर 18 दिसंबर की शाम 5:15 बजे सदर अस्पताल, चाईबासा में भर्ती कराया गया था। जांच में वह मलेरिया पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद बेहतर इलाज के लिए बच्चे को एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर रेफर कर ने का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन पिता ने वहीं पर इलाज कराने की इच्छा जताई। इस बीच इलाज के दौरान 19 दिसंबर को अपराह्न 1:15 बजे बच्चे की मौत हो गई। एक शव वाहन मनोहरपुर में व दूसरा दुर्घटनाग्रस्त था
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि एक शव वाहन मनोहरपुर में होने और दूसरे के दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण शव वाहन की उपलब्धता में देरी हुई। हालांकि, परिजनों को प्रतीक्षा करने को कहा गया था। अपराह्न 4:40 बजे शव वाहन अस्पताल पहुंचा, लेकिन तब तक बच्चे के पिता शव लेकर जा चुके थे। बच्चे के पिता के पास मोबाइल नहीं होने के कारण उनसे संपर्क भी नहीं हो सका। जांच रिपोर्ट में क्षतिग्रस्त शव वाहन की शीघ्र मरम्मत कराने का प्रस्ताव भी दिया गया है।  

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