सिद्धार्थनगर में ज्वैलरी शॉप पर हुई मारपीट के मामले में अब तक मुकदमा दर्ज न होने पर व्यापारियों और सामाजिक संगठनों ने शनिवार को कोतवाली परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। वायरल वीडियो सामने आने के बावजूद कार्रवाई न होने से आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि शीघ्र मुकदमा पंजीकृत नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। यह धरना सिविल सिद्धार्थ बार एसोसिएशन सिद्धार्थनगर के अध्यक्ष, अखिल क्षत्रिय महासभा उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष और विश्व हिंदू महासंघ उत्तर प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष अखंड प्रताप सिंह के नेतृत्व में दिया गया। वक्ताओं ने इस घटना को सामान्य विवाद नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक कृत्य बताया, जिसके स्पष्ट वीडियो साक्ष्य उपलब्ध हैं। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने श्री धनलक्ष्मी ज्वैलरी शॉप में घुसकर दुकानदार और कर्मचारियों से बदसलूकी की। उन्होंने एक व्यक्ति को दुकान के अंदर से घसीटकर बाहर निकाला और बेरहमी से पीटा। वायरल वीडियो में दर्जनों लोग मारपीट करते दिख रहे हैं, जबकि एक महिला पीड़ित को बचाने का प्रयास कर रही है। अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि वीडियो में ताइक्वांडो जैसी मार्शल आर्ट का प्रयोग स्पष्ट दिख रहा है, जो हमले को सुनियोजित और हिंसक साबित करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मारपीट में मेडिकल कॉलेज का एक छात्र भी शामिल है। सिंह ने सवाल उठाया कि जब आरोपियों की पहचान और वीडियो साक्ष्य मौजूद हैं, तो पुलिस अब तक मुकदमा दर्ज क्यों नहीं कर रही है। यह पूरा मामला 29 जनवरी को मेडिकल कॉलेज में आयोजित एनुअल फंक्शन से जुड़ा है। ज्वैलरी शॉप के मालिक पंकज वर्मा ने प्रायोजक के तौर पर अपनी दुकान का स्टॉल लगाया था। कार्यक्रम के दौरान सीट को लेकर मेडिकल छात्रों से उनका विवाद हुआ था।


