शेखपुरा में रसोई गैस की कोई कमी नहीं- डीएम:बोले- 3115 सिलेंडर उपलब्ध, पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर जोर

शेखपुरा में रसोई गैस की कोई कमी नहीं- डीएम:बोले- 3115 सिलेंडर उपलब्ध, पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने पर जोर

शेखपुरा के डीएम शेखर आनंद ने जिले में रसोई गैस किल्लत के बीच आपूर्ति सामान्य होने की जानकारी दी है। उन्होंने रविवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मंथन सभागार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। डीएम ने बताया कि जिले में तीन पेट्रोलियम कंपनियों के तहत संचालित 11 गैस एजेंसियों के पास आज भी 3115 गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं, जिनका वितरण उपभोक्ताओं के बीच किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, जिले के 1953 परिवारों को पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के माध्यम से भी गैस की आपूर्ति की जा रही है। जिला प्रशासन पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार में जुटा हुआ है। गैस आपूर्ति में संभावित गड़बड़ी पर नकेल कसने के लिए जिला स्तरीय धावा दल ने पिछले 24 घंटों में कार्रवाई की। दल ने घाटकुसुंभा प्रखंड क्षेत्र में एक और बरबीघा प्रखंड क्षेत्र में दो व्यापारिक प्रतिष्ठानों तथा एक अस्पताल पर छापा मारा। हालांकि, इन स्थानों पर एलपीजी गैस से संबंधित कोई अनियमितता नहीं पाई गई और किसी प्रकार की कार्रवाई की सूचना नहीं है। एलपीजी गैस की आपूर्ति सुनिश्चित कराने को बैठक डीएम ने जोर देकर कहा कि जिले में एलपीजी गैस की कोई समस्या नहीं है। कंपनी के सेल्स ऑफिसर के साथ प्रतिदिन बैठक कर एलपीजी गैस की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है। सरकारी संस्थानों, अस्पतालों, जीविका द्वारा संचालित रसोई और कैफे में भी मांग के अनुसार गैस की आपूर्ति की जा रही है। शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित पॉलिटेक्निक कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज और चेवाड़ा स्थित सार्वजनिक शिक्षोन्नयन संस्थान में भी गैस आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है। शिकायतों का निपटारा करने का प्रयास हालांकि, इस दौरान जिला प्रशासन द्वारा गठित जिला नियंत्रण कक्ष में कुछ उपभोक्ताओं से शिकायतें भी प्राप्त हुई हैं। इन शिकायतों का निपटारा करने का प्रयास किया जा रहा है। उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि नंबर लगने के बाद भी गैस नहीं दी जा रही है, और गैस डिलीवरी का मैसेज आने के बाद भी आपूर्ति नहीं हो रही है। शेखपुरा के डीएम शेखर आनंद ने जिले में रसोई गैस किल्लत के बीच आपूर्ति सामान्य होने की जानकारी दी है। उन्होंने रविवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मंथन सभागार में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। डीएम ने बताया कि जिले में तीन पेट्रोलियम कंपनियों के तहत संचालित 11 गैस एजेंसियों के पास आज भी 3115 गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं, जिनका वितरण उपभोक्ताओं के बीच किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, जिले के 1953 परिवारों को पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) के माध्यम से भी गैस की आपूर्ति की जा रही है। जिला प्रशासन पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के लिए प्रचार-प्रसार में जुटा हुआ है। गैस आपूर्ति में संभावित गड़बड़ी पर नकेल कसने के लिए जिला स्तरीय धावा दल ने पिछले 24 घंटों में कार्रवाई की। दल ने घाटकुसुंभा प्रखंड क्षेत्र में एक और बरबीघा प्रखंड क्षेत्र में दो व्यापारिक प्रतिष्ठानों तथा एक अस्पताल पर छापा मारा। हालांकि, इन स्थानों पर एलपीजी गैस से संबंधित कोई अनियमितता नहीं पाई गई और किसी प्रकार की कार्रवाई की सूचना नहीं है। एलपीजी गैस की आपूर्ति सुनिश्चित कराने को बैठक डीएम ने जोर देकर कहा कि जिले में एलपीजी गैस की कोई समस्या नहीं है। कंपनी के सेल्स ऑफिसर के साथ प्रतिदिन बैठक कर एलपीजी गैस की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जा रही है। सरकारी संस्थानों, अस्पतालों, जीविका द्वारा संचालित रसोई और कैफे में भी मांग के अनुसार गैस की आपूर्ति की जा रही है। शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित पॉलिटेक्निक कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज और चेवाड़ा स्थित सार्वजनिक शिक्षोन्नयन संस्थान में भी गैस आपूर्ति निर्बाध रूप से जारी है। शिकायतों का निपटारा करने का प्रयास हालांकि, इस दौरान जिला प्रशासन द्वारा गठित जिला नियंत्रण कक्ष में कुछ उपभोक्ताओं से शिकायतें भी प्राप्त हुई हैं। इन शिकायतों का निपटारा करने का प्रयास किया जा रहा है। उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि नंबर लगने के बाद भी गैस नहीं दी जा रही है, और गैस डिलीवरी का मैसेज आने के बाद भी आपूर्ति नहीं हो रही है।  

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