शेखपुरा के जिलाधिकारी शेखर आनंद ने जिले में रसोई गैस की कमी से इनकार किया है। उन्होंने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और अधिक से अधिक पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन लेने की अपील की। उन्होंने उन 1953 परिवारों को एलपीजी सिलेंडर न लेने की सलाह दी है, जिनके पास पहले से पीएनजी कनेक्शन है। जिलाधिकारी ने बताया कि पीएनजी कनेक्शन एलपीजी की तुलना में काफी सस्ता और सुरक्षित है। जिला प्रशासन पेट्रोलियम कंपनियों के सहयोग से अधिक से अधिक लोगों तक पीएनजी कनेक्शन पहुंचाने के लिए विस्तृत योजना तैयार कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। तीन पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा संचालित 11 गैस वितरण एजेंसियों के पास वर्तमान में 3032 गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। नियंत्रण कक्षों में अब तक 40 शिकायतें प्राप्त हुई लोगों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन द्वारा तीन नियंत्रण कक्ष लगातार संचालित किए जा रहे हैं। इन नियंत्रण कक्षों में अब तक 40 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनका समाधान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, घरेलू गैस की कमी की अफवाह फैलाने या गलत उपयोग करने वालों पर नजर रखने के लिए गठित धावा दल जिले के सभी क्षेत्रों में लगातार छापेमारी कर रहा है। हालांकि, अभी तक किसी भी विपरीत सूचना की पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभागों को एलपीजी की नियमित आपूर्ति जिलाधिकारी ने बताया कि जिले की सभी जीविका दीदी द्वारा संचालित ‘दीदी की रसोई’ और कैफे, साथ ही सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों और स्वास्थ्य विभागों को एलपीजी की नियमित आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने जिलावासियों से मीडिया के माध्यम से गैस से संबंधित किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने का आग्रह किया। किसी भी शिकायत या सूचना के लिए लोग सीधे जिला प्रशासन द्वारा संचालित टेलीफोन नंबर 06341-223333, 225169, 223100 पर संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन गैस के वितरण और आपूर्ति पर लगातार नजर रखे हुए है। जिलाधिकारी स्वयं पेट्रोलियम कंपनी के सेल्स मैनेजरों के संपर्क में रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। शेखपुरा के जिलाधिकारी शेखर आनंद ने जिले में रसोई गैस की कमी से इनकार किया है। उन्होंने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और अधिक से अधिक पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन लेने की अपील की। उन्होंने उन 1953 परिवारों को एलपीजी सिलेंडर न लेने की सलाह दी है, जिनके पास पहले से पीएनजी कनेक्शन है। जिलाधिकारी ने बताया कि पीएनजी कनेक्शन एलपीजी की तुलना में काफी सस्ता और सुरक्षित है। जिला प्रशासन पेट्रोलियम कंपनियों के सहयोग से अधिक से अधिक लोगों तक पीएनजी कनेक्शन पहुंचाने के लिए विस्तृत योजना तैयार कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में रसोई गैस की कोई कमी नहीं है। तीन पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा संचालित 11 गैस वितरण एजेंसियों के पास वर्तमान में 3032 गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। नियंत्रण कक्षों में अब तक 40 शिकायतें प्राप्त हुई लोगों की सुविधा के लिए जिला प्रशासन द्वारा तीन नियंत्रण कक्ष लगातार संचालित किए जा रहे हैं। इन नियंत्रण कक्षों में अब तक 40 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनका समाधान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, घरेलू गैस की कमी की अफवाह फैलाने या गलत उपयोग करने वालों पर नजर रखने के लिए गठित धावा दल जिले के सभी क्षेत्रों में लगातार छापेमारी कर रहा है। हालांकि, अभी तक किसी भी विपरीत सूचना की पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभागों को एलपीजी की नियमित आपूर्ति जिलाधिकारी ने बताया कि जिले की सभी जीविका दीदी द्वारा संचालित ‘दीदी की रसोई’ और कैफे, साथ ही सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों और स्वास्थ्य विभागों को एलपीजी की नियमित आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने जिलावासियों से मीडिया के माध्यम से गैस से संबंधित किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने का आग्रह किया। किसी भी शिकायत या सूचना के लिए लोग सीधे जिला प्रशासन द्वारा संचालित टेलीफोन नंबर 06341-223333, 225169, 223100 पर संपर्क कर सकते हैं। जिला प्रशासन गैस के वितरण और आपूर्ति पर लगातार नजर रखे हुए है। जिलाधिकारी स्वयं पेट्रोलियम कंपनी के सेल्स मैनेजरों के संपर्क में रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।


