बिहार में मौसम सामन्य बना हुआ है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक महसूस की जा रही है, जबकि दिन में धूप निकलने से लोगों को ठंड से राहत मिल रही है। मौसम विभाग ने आज किसी भी जिले में कोहरे का अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, आने वाले दिनों में पहाड़ी इलाकों में फिर से बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जिससे बिहार में इसका असर देखा जा सकता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह से तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। पटना में फिलहाल मौसम सामान्य से हल्का ठंडा रहने की संभावना है। सुबह हल्की ठंड या ठंडी हवा महसूस हो सकती है, जबकि दिन में धूप निकलने से राहत मिलेगी। पिछले 24 घंटे के दौरान 10.3 डिग्री के साथ सीवान सबसे ठंडा जिला रहा। जबकि मोतिहारी में 10.6 डिग्री, समस्तीपुर में 10.9 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। पटना में न्यूनतम तापमान सबसे अधिक 14 डिग्री रहा। बिहार में मौसम कुछ तस्वीरें… फरवरी के दूसरे सप्ताह से मिलेगी राहत मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत इस समय ट्रांजिशन फेज में है, यानी ठंड धीरे-धीरे खत्म हो रही है लेकिन पूरी तरह विदा नहीं हुई है। जब तक पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम का असर बना रहेगा, तब तक तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। फरवरी के दूसरे सप्ताह से ठंड में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना जताई जा रही है। मौसम में बदलाव का क्या है कारण मौसम विभाग के मुताबिक, इस तरह के मौसम के पीछे पश्चिमी विक्षोभ, जेट स्ट्रीम और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं का संयुक्त प्रभाव जिम्मेदार है। पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख सिस्टम है। इसके सक्रिय होने पर हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी होती है, जिसका असर मैदानी इलाकों तक पहुंचता है। इससे ठंडी हवाएं चलने लगती हैं और तापमान में गिरावट दर्ज होती है। मौसम विभाग के अनुसार फरवरी के पहले सप्ताह में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं। पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश और बर्फबारी का असर उत्तर भारत के साथ-साथ बिहार में भी महसूस किया जा रहा है। जेट स्ट्रीम भी अहम कारण जेट स्ट्रीम ऊपरी वायुमंडल में बहुत तेज गति से बहने वाली हवाओं को कहा जाता है। जब इसकी स्थिति में बदलाव होता है, तो यह ठंडी हवा को मैदानी इलाकों की ओर धकेलती है। इसका असर सुबह और शाम के समय ज्यादा महसूस होता है, जबकि दिन में धूप निकलने से तापमान सामान्य बना रहता है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के दौरान जेट स्ट्रीम की स्थिति भी बदल जाती है, जिससे मौसम का पैटर्न अस्थिर हो जाता है। हिमालय की बर्फबारी का असर बिहार तक हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी होने पर उत्तर-पश्चिम दिशा से ठंडी हवाएं बिहार तक पहुंचती हैं। ऐसे हालात में तापमान गिरता है और सुबह-शाम ठंड के साथ कभी-कभी कोहरे की स्थिति भी बन सकती है। बिहार में मौसम सामन्य बना हुआ है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक महसूस की जा रही है, जबकि दिन में धूप निकलने से लोगों को ठंड से राहत मिल रही है। मौसम विभाग ने आज किसी भी जिले में कोहरे का अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, आने वाले दिनों में पहाड़ी इलाकों में फिर से बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जिससे बिहार में इसका असर देखा जा सकता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह से तापमान में बढ़ोतरी हो सकती है। पटना में फिलहाल मौसम सामान्य से हल्का ठंडा रहने की संभावना है। सुबह हल्की ठंड या ठंडी हवा महसूस हो सकती है, जबकि दिन में धूप निकलने से राहत मिलेगी। पिछले 24 घंटे के दौरान 10.3 डिग्री के साथ सीवान सबसे ठंडा जिला रहा। जबकि मोतिहारी में 10.6 डिग्री, समस्तीपुर में 10.9 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। पटना में न्यूनतम तापमान सबसे अधिक 14 डिग्री रहा। बिहार में मौसम कुछ तस्वीरें… फरवरी के दूसरे सप्ताह से मिलेगी राहत मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत इस समय ट्रांजिशन फेज में है, यानी ठंड धीरे-धीरे खत्म हो रही है लेकिन पूरी तरह विदा नहीं हुई है। जब तक पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम का असर बना रहेगा, तब तक तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। फरवरी के दूसरे सप्ताह से ठंड में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना जताई जा रही है। मौसम में बदलाव का क्या है कारण मौसम विभाग के मुताबिक, इस तरह के मौसम के पीछे पश्चिमी विक्षोभ, जेट स्ट्रीम और उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं का संयुक्त प्रभाव जिम्मेदार है। पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित करने वाला एक प्रमुख सिस्टम है। इसके सक्रिय होने पर हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी होती है, जिसका असर मैदानी इलाकों तक पहुंचता है। इससे ठंडी हवाएं चलने लगती हैं और तापमान में गिरावट दर्ज होती है। मौसम विभाग के अनुसार फरवरी के पहले सप्ताह में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं। पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश और बर्फबारी का असर उत्तर भारत के साथ-साथ बिहार में भी महसूस किया जा रहा है। जेट स्ट्रीम भी अहम कारण जेट स्ट्रीम ऊपरी वायुमंडल में बहुत तेज गति से बहने वाली हवाओं को कहा जाता है। जब इसकी स्थिति में बदलाव होता है, तो यह ठंडी हवा को मैदानी इलाकों की ओर धकेलती है। इसका असर सुबह और शाम के समय ज्यादा महसूस होता है, जबकि दिन में धूप निकलने से तापमान सामान्य बना रहता है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के दौरान जेट स्ट्रीम की स्थिति भी बदल जाती है, जिससे मौसम का पैटर्न अस्थिर हो जाता है। हिमालय की बर्फबारी का असर बिहार तक हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी होने पर उत्तर-पश्चिम दिशा से ठंडी हवाएं बिहार तक पहुंचती हैं। ऐसे हालात में तापमान गिरता है और सुबह-शाम ठंड के साथ कभी-कभी कोहरे की स्थिति भी बन सकती है।


