नरसिंहपुर जिले में नेशनल हाईवे 44 और 45 को जोड़ने वाले चौराहे के पास रहने वाले लोगों को मुक्तिधाम नहीं होने से समस्या का सामना करना पड़ रहा है। करीब 500 की आबादी वाले इस इलाके में आज तक मुक्तिधाम (श्मशान घाट) की सुविधा नहीं मिल पाई है। मुक्तिधाम न होने की वजह से यहां के लोगों को अंतिम संस्कार के लिए अपने गांव से लगभग 2 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत लोलरी जाना पड़ता है। दूरी ज्यादा होने के कारण परिजनों को शव यात्रा निकालने में काफी दिक्कत आती है। कई बार तो मजबूरी में शव को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर ले जाना पड़ता है। स्थानीय निवासी विमलेश पटेल का कहना है कि दुख की घड़ी में इस सुविधा का न होना लोगों की परेशानी और बढ़ा देता है। सरकारी जमीन की कमी बनी बाधा इस समस्या को लेकर जब ग्राम पंचायत लोलरी की सचिव उमा श्रीवास्तव से बात की गई, तो उन्होंने एक बड़ी तकनीकी दिक्कत बताई। उनके अनुसार, राजमार्ग क्षेत्र में सरकार के पास अपनी कोई जमीन खाली नहीं है। वहां जितनी भी जमीन है, वह निजी (प्राइवेट) है और उसकी कीमत बहुत ज्यादा है। पंचायत के पास इतना बजट नहीं है कि वह इतनी महंगी जमीन खरीद सके, यही वजह है कि मुक्तिधाम का निर्माण नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने की प्रशासन से मांग स्थानीय लोग कई बार इस मामले में गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। ग्रामीणों ने एक बार फिर प्रशासन से मांग की है कि इस समस्या का कोई रास्ता निकाला जाए और क्षेत्र में जल्द से जल्द मुक्तिधाम बनवाया जाए ताकि लोगों को भटकना न पड़े।


