पलखड़ी गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में डॉक्टर के न आने से ग्रामीणों में भारी गुस्सा है। परेशान ग्रामीणों और युवाओं ने अस्पताल पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया।ग्रामीणों का कहना है कि यहां तैनात डॉक्टर कई-कई महीनों तक अस्पताल नहीं आतीं। मरीज जब इलाज के लिए पहुंचते हैं तो उन्हें अकबरपुर या अलवर रेफर कर दिया जाता है। बरकत खान ने बताया कि कागजों में अस्पताल में 10 से 12 कर्मचारी हैं, लेकिन मौके पर सिर्फ 3–4 कर्मचारी ही मिलते हैं। डॉक्टर की कुर्सी खाली रहती है और मरीज लाइन में खड़े रहते हैं। आरोप है कि बिना डॉक्टर दिखाए ही कंपाउंडर दवाइयां लिख देते हैं। अरबाज खान ने बताया कि वे कई बार दवा लेने आए, लेकिन हर बार जवाब मिला कि “मैडम छुट्टी पर हैं।” ग्रामीणों का कहना है कि डॉक्टर महीने में बस 2–5 दिन आती हैं और हाजिरी लगाकर चली जाती हैं। बाकी स्टाफ भी यहीं करता है सुबह 10 बजे आते है और 12 बजे ही चले जाते है जबकि टाइम 9 बजे से दोपहर 3 बजे का है। बीसीएमओ डॉ. जितेंद्र शेखर ने बताया कि संबंधित डॉक्टर का पीजी में चयन हो चुका है, लेकिन अभी तक उन्हें रिलीव नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि शिकायत की जांच की जाएगी।


