हिमाचल के बजट में ठोस आर्थिक रोडमैप नहीं:भाजपा प्रदेश सचिव सुमीत शर्मा बोले: कांग्रेस ने राज्य को कर्ज के दलदल में धकेला

हिमाचल के बजट में ठोस आर्थिक रोडमैप नहीं:भाजपा प्रदेश सचिव सुमीत शर्मा बोले: कांग्रेस ने राज्य को कर्ज के दलदल में धकेला

हिमाचल भाजपा के प्रदेश सचिव एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र सहप्रभारी सुमीत शर्मा ने सुक्खू सरकार के बजट को निराशाजनक बताया है। उन्होंने इसे उम्मीदों के विपरीत, निराशा और धोखे का प्रतीक करार दिया। शर्मा ने कहा कि 54,928 करोड़ रुपए का वर्तमान बजट पिछले वर्ष के 58,514 करोड़ रुपए से कम है, जो प्रदेश की अर्थव्यवस्था के सिकुड़ने का संकेत देता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को अपनी वित्तीय विफलता के कारण कर्मचारियों का वेतन तक स्थगित करना पड़ा है। नीतिगत विफलताओं को छिपा रही सरकार भाजपा नेता ने कहा कि एक ओर सरकार वेतन रोक रही है, वहीं दूसरी ओर अपनी नीतिगत विफलताओं को छिपाने के लिए छोटे-छोटे मानदेय बढ़ाकर जनता को भ्रमित कर रही है। उन्होंने दावा किया कि बजट में सरकार ने 100 प्रतिशत गारंटी पूरी करने की बात कही है, जबकि पिछले तीन साल में एक भी प्रमुख गारंटी पूरी नहीं हुई है। दूध और फसलों के लिए एमएसपी बढ़ाने की घोषणाओं पर उठाए सवाल सुमीत शर्मा ने कर्मचारियों के वेतन में 3 से 50 प्रतिशत तक के स्थगन को प्रदेश की गंभीर आर्थिक स्थिति का प्रमाण बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार खुद वेतन नहीं दे पा रही, तो विकास कार्य कैसे करेगी।उन्होंने दूध और फसलों के लिए एमएसपी बढ़ाने की घोषणाओं पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि किसानों को वास्तविक भुगतान और बाजार समर्थन नहीं मिल रहा है। शर्मा ने 1 लाख गरीब परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा को भी केवल चुनावी स्टंट करार दिया। घोषणाओं के माध्यम से जनता को गुमराह कर रही सरकार सुमीत शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने हिमाचल को कर्ज के दलदल में धकेल दिया है, जिसके परिणामस्वरूप अब वेतन स्थगन जैसे कदम उठाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बजट में कोई ठोस आर्थिक रोडमैप नहीं है और केवल घोषणाओं के माध्यम से जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने महिलाओं को ₹1500 और युवाओं को रोजगार देने जैसे वादों को भी अधूरा बताया।

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