स्मॉलकैप कंपनियों पर डाउनग्रेड का जोखिम, घट रही कमाई, उधर मिडकैप कंपनियों का बढ़ रहा मुनाफा

स्मॉलकैप कंपनियों पर डाउनग्रेड का जोखिम, घट रही कमाई, उधर मिडकैप कंपनियों का बढ़ रहा मुनाफा

कमाई के मामले में दिसंबर तिमाही में बड़ी और छोटी कंपनियों के मुकाबले मझोली (मिडकैप) लगातार छठी तिमाही आगे रहीं। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए के मुताबिक, अर्निंग ग्रोथ में मिडकैप और लार्जकैप कंपनियां जहां मजबूत दिख रही हैं, तो स्मॉलकैप फर्म्स पर अर्निंग कटौती का दबाव बढ़ रहा है। सीएलएसए रिपोर्ट बताती है कि स्मॉलकैप को लेकर बाजार में उम्मीदें ऊंची हैं, लेकिन जमीन पर प्रदर्शन उतना मजबूत नहीं है।

स्मॉलकैप कंपनियों के कमाई के अनुमान में कटौती

स्मॉलकैप कंपनियों के वर्ष 2026-27 और 2027-28 अर्निंग अनुमान में क्रमशः 3.9% व 3.1% की कटौती की गई है। दिलचस्प बात यह है कि इसके बावजूद अगले 2 साल में सबसे तेज कमाई का अनुमान अब भी स्मॉलकैप के लिए लगाया जा रहा है।

डाउनग्रेड का जोखिम

स्मॉलकैप कंपनियों के लिए अगले दो साल में 28.4% सीएजीआर अर्निंग ग्रोथ का अनुमान है। मिडकैप के लिए यह 22% और लार्जकैप के लिए 13.4% है। इसके उलट, लार्जकैप कंपनियों के 2026-27 और 2027-28 के अनुमान में क्रमश: 0.6% और 0.9% की बढ़ोतरी हुई है। मिडकैप में 2026-27 के लिए हल्की कटौती हुई है, लेकिन 2027-28 के लिए अनुमान बढ़ाया गया है।

ब्रोकरेज का मानना है कि हालिया प्रदर्शन और भविष्य की उम्मीदों के बीच का यह अंतर स्मॉलकैप कंपनियों के लिए आगे और डाउनग्रेड का जोखिम बढ़ा सकता है। ब्रोकरेज ने साफ कहा है कि वह लार्जकैप को प्राथमिकता देता है और स्मॉलकैप में ज्यादा जोखिम देखता है। जब उम्मीदें ऊंची हों और वैल्यूएशन भी महंगा हो, तब निराशा की गुंजाइश बढ़ जाती है।

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