ठोकर बांध निर्माण को लेकर मची क्रेडिट खाने की होड़:सांसद, विधायक और पूर्व MLA के बाद शाहपुर से जिला परिषद सदस्य ने बोले – बैठक में उठाई थी मांग

शाहपुर प्रखंड के जवइनिया गांव में गंगा नदी पर ठोकर बांध निर्माण की योजना को स्वीकृति मिलने के बाद से ही इसके क्रेडिट को लेकर होड़ मची हुई है। 52 करोड़ रुपये से अधिक की राशि इस योजना के लिए स्वीकृत की गई है। आरा सांसद, शाहपुर के पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक के बाद अब परियोजना का श्रेय शाहपुर से जिला परिषद सदस्य गंगाधर पांडे ने भी ले लिया है। उन्होंने इस योजना को मिली स्वीकृति को अपने प्रयासों का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि जिला परिषद की बैठक में इस मुद्दे को उन्होंने उठाया था। प्रधान सचिव संतोष कुमार मल और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी से मुलाकात कर बांध निर्माण की मांग की थी।पांडे ने यह भी बताया कि उन्होंने भारत सरकार के मंत्री राजभूषण चौधरी से दिल्ली में मिलकर इस मुद्दे को प्रमुखता से रखा था। उनका कहना है कि यह किसी एक व्यक्ति का प्रयास नहीं, बल्कि सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। जिला परिषद सदस्य गंगाधर पांडे ने राशि के दुरुपयोग की आशंका भी जताई है। उन्होंने कहा कि नेताओं को इस राशि से ध्यान हटाना होगा, अन्यथा यह आशंका है कि 52 करोड़ रुपए की स्वीकृति के बावजूद केवल 52 हजार रुपए का ही काम हो पाएगा। शाहपुर प्रखंड के जवइनिया गांव में गंगा नदी पर ठोकर बांध निर्माण की योजना को स्वीकृति मिलने के बाद से ही इसके क्रेडिट को लेकर होड़ मची हुई है। 52 करोड़ रुपये से अधिक की राशि इस योजना के लिए स्वीकृत की गई है। आरा सांसद, शाहपुर के पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक के बाद अब परियोजना का श्रेय शाहपुर से जिला परिषद सदस्य गंगाधर पांडे ने भी ले लिया है। उन्होंने इस योजना को मिली स्वीकृति को अपने प्रयासों का नतीजा बताया है। उन्होंने कहा कि जिला परिषद की बैठक में इस मुद्दे को उन्होंने उठाया था। प्रधान सचिव संतोष कुमार मल और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी से मुलाकात कर बांध निर्माण की मांग की थी।पांडे ने यह भी बताया कि उन्होंने भारत सरकार के मंत्री राजभूषण चौधरी से दिल्ली में मिलकर इस मुद्दे को प्रमुखता से रखा था। उनका कहना है कि यह किसी एक व्यक्ति का प्रयास नहीं, बल्कि सभी के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। जिला परिषद सदस्य गंगाधर पांडे ने राशि के दुरुपयोग की आशंका भी जताई है। उन्होंने कहा कि नेताओं को इस राशि से ध्यान हटाना होगा, अन्यथा यह आशंका है कि 52 करोड़ रुपए की स्वीकृति के बावजूद केवल 52 हजार रुपए का ही काम हो पाएगा।  

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