महोबा के युवाओं ने बनाई हाईटेक बैलगाड़ी:बाइक के टायर और स्टील का ढांचा लगाया, दौड़ प्रतियोगिता में लेंगे हिस्सा

महोबा के युवाओं ने बनाई हाईटेक बैलगाड़ी:बाइक के टायर और स्टील का ढांचा लगाया, दौड़ प्रतियोगिता में लेंगे हिस्सा

बुंदेलखंड के युवाओं ने अपनी पुरानी परंपराओं को आधुनिकता का नया रंग दिया है। महोबा के युवाओं ने झांसी में होने वाली आगामी बैलगाड़ी दौड़ प्रतियोगिता के लिए एक हाईटेक बैलगाड़ी तैयार की है। इस गाड़ी में लकड़ी के बजाय स्टील का ढांचा और बाइक के टायर लगाए गए हैं। भोला और भालू नाम के दो बैलों के साथ जब यह चमकदार गाड़ी सड़क पर उतरी, तो हर कोई इसे देखने के लिए ठहर गया। देशभर में जहां आधुनिकता की होड़ मची है, वहीं बुंदेलखंड के युवा अपनी प्राचीन परंपराओं को जीवंत रखने का अनूठा जज्बा दिखा रहे हैं। महोबा की सड़कों पर जब भोला और भालू नाम के सफेद बैलों की जोड़ी से सजी यह आधुनिक बैलगाड़ी निकली, तो राहगीरों की नजरें वहीं थम गईं। लोगों ने इस अनोखी सवारी के साथ सेल्फी ली और तस्वीरें खींचीं। जानवरों की सेवा को ही अपना धर्म मानने वाले बुजुर्ग शाकिर खान बताते हैं कि उन्हें बचपन से ही घोड़े, बैल और गाय पालने का शौक है। उनकी खेती आज भी इन्हीं बैलों के जरिए होती है। इस बार झांसी जनपद में होने वाली भव्य बैलगाड़ी दौड़ प्रतियोगिता में जीत हासिल करने के लिए उन्होंने अपनी पारंपरिक बैलगाड़ी को पूरी तरह से री-डिजाइन किया है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि जैसे पहले गोवंश का सम्मान होता था और लोग बैलों को पालकर खेती करते थे, वैसे ही फिर से इन बेजुबान पशुओं को पालकर खेती की जाए। बैलगाड़ी दौड़ में शामिल होने जा रहे किसान शाकिर खान के पुत्र असरद ने बताया कि इस रेस को जीतने के लिए उन्होंने लकड़ी के भारी पहियों को हटाकर बाइक के टायर और स्टील का ढांचा तैयार किया है। इससे गाड़ी का वजन कम होगा और रफ्तार कई गुना बढ़ जाएगी। प्रतियोगिता के लिए न सिर्फ गाड़ी बल्कि बैलों की सेहत पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है। भोला और भालू को पौष्टिक आहार देकर पूरी तरह से तैयार किया जा रहा है ताकि वे समय रहते अपने लक्ष्य को पूरा कर सकें। पिता के इस पारंपरिक शौक को अब उनके बेटे और परिवार के अन्य सदस्य मिलकर आगे बढ़ा रहे हैं। युवाओं का कहना है कि वे न केवल इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे बल्कि अपनी इस आधुनिक सवारी के दम पर जिले का नाम पूरे बुंदेलखंड में रोशन करेंगे।बहरहाल, परंपरा और तकनीक का यह अनूठा संगम आज महोबा में चर्चा का विषय बना हुआ है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *