अप्रैल माह की घटना भास्कर न्यूज | किशनगंज घर में काम करने वाली नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। शनिवार रात महिला थानाध्यक्ष सुनीता कुमारी के नेतृत्व में गठित टीम ने गुप्त सूचना पर ठाकुरगंज रुईधासा क्लब मैदान के निकट स्थित घर में छापेमारी कर आरोपी मकबूल आलम पिता मेहरूद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। रविवार को सदर अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामला अप्रैल माह का है। बताते चलें कि 15 वर्षीय पीड़िता मकबूल आलम के घर में झाड़ू-पोंछा के साथ-साथ खाना बनाने का काम करती थी। इसके एवज में मकबूल उसे आठ हजार रुपये प्रति माह मेहनताना देता था। मकबूल ने उसे किसी अच्छे लड़के के साथ शादी करा देने का झांसा भी दिया था। आरोप है कि अप्रैल माह में मकबूल ने उसे धोखे में रखकर नशीला पदार्थ खिला दिया, जिससे कुछ देर बाद ही वह बेहोश हो गई। इसका फायदा उठाकर मकबूल ने उसके साथ दुष्कर्म किया। होश में आने के बाद जब पीड़िता को घटना का आभास हुआ तो उसने विरोध किया, लेकिन आरोपी ने घर में आग लगा कर उसे जिंदा जला देने की धमकी दी। इससे पीड़िता भयभीत हो गई। भास्कर न्यूज| अररिया। पहले युवक ने सीबीआई में सब-इंस्पेक्टर बताकर युवती को झांसा में रखकर शादी कर ली। जब युवती पति से अलग होकर रहने लगी तो उसने कोर्ट में दहेज प्रताड़ना व भरण पोषण का केस कर दिया। अब पति कोर्ट के आदेश को भी नहीं मान रहा। उसे भरण-पोषण की राशि नहीं दे रहा है। दस महीने से भरण-पोषण की राशि नहीं मिलने से तंग आकर युवती ने डीएम को आवेदन देकर दो साल की मासूम बेटी के साथ आत्मदाह करने की अनुमति मांगी है। पीड़िता छोटी कुमारी, ताराबाड़ी थाना के जमुआ गांव निवासी ललन कुमार झा की पुत्री है। उसकी शादी वर्ष 2021 में कुर्साकांटा के कमलदाहा पंचायत के बखरी गांव निवासी सागर कुमार झा से हुई थी। आरोपी मकबूल। पति सागर। बच्ची के साथ छोटी। दर दर की ठोकरें खा रही विवाहिता भरणपोषण की राशि न मिलने से पीड़िता और उसकी मासूम बेटी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। पिता पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है, बच्ची के इलाज तक के लिए पैसे नहीं हैं। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पति सागर कुमार झा, उसका बहनोई सुभाष कुमार (शिक्षक) और भाई शुभम कुमार झा मिलकर उसे और बच्ची को जान से मारने की धमकी देते हैं। सागर की मां पर भी उकसाने का आरोप है। आत्मदाह की अनुमति या मिले इंसाफ पीड़िता ने डीएम से गुहार लगाते हुए लिखा है कि जब न्यायालय के आदेश भी कागजों तक सीमित रह जाएं और एक महिला को अपने ही मायके में बोझ समझा जाने लगे, तो तिल-तिल मरने से बेहतर आत्मदाह है। उसने कहा कि यदि उसे और उसकी बेटी को न्याय नहीं मिल सकता, तो आत्मदाह की अनुमति दे दी जाए। पीड़िता के अनुसार,गर्भावस्था की हालत में ही घर से निकाल दिया। न्यायालय में दहेज उत्पीड़न और प्रताड़ना का मामला दायर किया गया, जिसमें अदालत ने अंतरिम आदेश के तहत प्रतिमाह साढ़े सात हजार रुपये भरणपोषण देने का निर्देश दिया। पिछले दस महीनों से एक भी रुपये का भुगतान नहीं किया गया। अप्रैल माह की घटना भास्कर न्यूज | किशनगंज घर में काम करने वाली नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। शनिवार रात महिला थानाध्यक्ष सुनीता कुमारी के नेतृत्व में गठित टीम ने गुप्त सूचना पर ठाकुरगंज रुईधासा क्लब मैदान के निकट स्थित घर में छापेमारी कर आरोपी मकबूल आलम पिता मेहरूद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। रविवार को सदर अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। मामला अप्रैल माह का है। बताते चलें कि 15 वर्षीय पीड़िता मकबूल आलम के घर में झाड़ू-पोंछा के साथ-साथ खाना बनाने का काम करती थी। इसके एवज में मकबूल उसे आठ हजार रुपये प्रति माह मेहनताना देता था। मकबूल ने उसे किसी अच्छे लड़के के साथ शादी करा देने का झांसा भी दिया था। आरोप है कि अप्रैल माह में मकबूल ने उसे धोखे में रखकर नशीला पदार्थ खिला दिया, जिससे कुछ देर बाद ही वह बेहोश हो गई। इसका फायदा उठाकर मकबूल ने उसके साथ दुष्कर्म किया। होश में आने के बाद जब पीड़िता को घटना का आभास हुआ तो उसने विरोध किया, लेकिन आरोपी ने घर में आग लगा कर उसे जिंदा जला देने की धमकी दी। इससे पीड़िता भयभीत हो गई। भास्कर न्यूज| अररिया। पहले युवक ने सीबीआई में सब-इंस्पेक्टर बताकर युवती को झांसा में रखकर शादी कर ली। जब युवती पति से अलग होकर रहने लगी तो उसने कोर्ट में दहेज प्रताड़ना व भरण पोषण का केस कर दिया। अब पति कोर्ट के आदेश को भी नहीं मान रहा। उसे भरण-पोषण की राशि नहीं दे रहा है। दस महीने से भरण-पोषण की राशि नहीं मिलने से तंग आकर युवती ने डीएम को आवेदन देकर दो साल की मासूम बेटी के साथ आत्मदाह करने की अनुमति मांगी है। पीड़िता छोटी कुमारी, ताराबाड़ी थाना के जमुआ गांव निवासी ललन कुमार झा की पुत्री है। उसकी शादी वर्ष 2021 में कुर्साकांटा के कमलदाहा पंचायत के बखरी गांव निवासी सागर कुमार झा से हुई थी। आरोपी मकबूल। पति सागर। बच्ची के साथ छोटी। दर दर की ठोकरें खा रही विवाहिता भरणपोषण की राशि न मिलने से पीड़िता और उसकी मासूम बेटी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। पिता पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है, बच्ची के इलाज तक के लिए पैसे नहीं हैं। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पति सागर कुमार झा, उसका बहनोई सुभाष कुमार (शिक्षक) और भाई शुभम कुमार झा मिलकर उसे और बच्ची को जान से मारने की धमकी देते हैं। सागर की मां पर भी उकसाने का आरोप है। आत्मदाह की अनुमति या मिले इंसाफ पीड़िता ने डीएम से गुहार लगाते हुए लिखा है कि जब न्यायालय के आदेश भी कागजों तक सीमित रह जाएं और एक महिला को अपने ही मायके में बोझ समझा जाने लगे, तो तिल-तिल मरने से बेहतर आत्मदाह है। उसने कहा कि यदि उसे और उसकी बेटी को न्याय नहीं मिल सकता, तो आत्मदाह की अनुमति दे दी जाए। पीड़िता के अनुसार,गर्भावस्था की हालत में ही घर से निकाल दिया। न्यायालय में दहेज उत्पीड़न और प्रताड़ना का मामला दायर किया गया, जिसमें अदालत ने अंतरिम आदेश के तहत प्रतिमाह साढ़े सात हजार रुपये भरणपोषण देने का निर्देश दिया। पिछले दस महीनों से एक भी रुपये का भुगतान नहीं किया गया।


