पांचाल घाट गंगा तट पर लगे मेला रामनगरिया में भारी बारिश के कारण व्यापक जलभराव हो गया है। मेला कार्यालय से लेकर मुख्य संपर्क मार्ग और कल्पवासियों की राउटियों तक पानी भर गया है, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। मेला रामनगरिया का कार्यालय पूरी तरह पानी में डूब गया। कुर्सियां, मेज और सोफे पानी में तैरते दिखे। प्रशासनिक मुख्य संपर्क मार्ग और मेला कोतवाली के बाहर भी भारी जलभराव देखा गया। सीढ़ी नंबर दो पर स्थित होम्योपैथिक अस्पताल के सामने भी काफी पानी भर गया। यहां कीचड़ में एक संत का वाहन फंस गया, जिसे निकालने का प्रयास लगभग एक घंटे तक जारी रहा। वाहन का अगला हिस्सा गहरे कीचड़ में धंस गया था। वैष्णव संप्रदाय अखाड़ा क्षेत्र में कई कल्पवासियों की राउटियों में भी बारिश का पानी घुस गया। इससे कल्पवासियों का गृहस्थी का सामान भीग गया और उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कल्पवासी रीना देवी ने बताया कि उनका आटा, चावल सहित सारा भोजन का सामान भीग गया है। राउटी में पानी आ जाने से रजाई और गद्दे भी खराब हो गए। एक अन्य कल्पवासी छोटी ने बताया कि उनकी राउटी में पानी भरने से मिट्टी का चूल्हा भीग गया और राशन खराब हो गया। कल्पवासियों ने बताया कि सरकारी मदद न मिलने पर उन्होंने आपस में चंदा इकट्ठा किया। इसके बाद निजी कर्मचारी बुलाकर पानी निकासी के लिए गड्ढा खुदवाया जा रहा है। उनका आरोप है कि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी उनकी मदद के लिए नहीं आया। गंगा घाटों की ओर जाने वाले मार्गों पर भी पानी भर गया है। गंगा पुत्रों ने पानी निकालने के लिए गड्ढे खोदे और नदी की ओर कियारियां बनाईं, ताकि पानी की निकासी सुनिश्चित की जा सके।


