ईरान युद्ध के बीच दुनिया भर में भारत की जबरदस्त रणनीति की तारीफ शुरू हो गई है। भारत में अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो ए कॉसिनो ने पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण पैदा हुई वैश्विक बाधाओं के बीच भारत की अपनी ऊर्जा आयात को विविध बनाने की रणनीति को एक बहुत ही समझदारी भरा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना भारत को ऊर्जा संसाधन उपलब्ध कराने में एक अहम साझेदार के तौर पर उभर सकता है।
कॉसिनो ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भारत अपने ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं के नेटवर्क का विस्तार कर रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे द्विपक्षीय सहयोग बढ़ेगा, अर्जेंटीना इस प्रयास में योगदान देने की पूरी क्षमता रखता है।
भारत की तरफ से समझदारी भरा कदम
कॉसिनो ने कहा- मुझे लगता है कि भारत सरकार पिछले कुछ सालों से प्राकृतिक संसाधनों और ऊर्जा की आपूर्ति को विविध बनाने की रणनीति पर काम कर रही है। और मुझे लगता है कि यह बहुत सकारात्मक है, भारत की तरफ से यह बहुत ही समझदारी भरा कदम है।
राजदूत ने कहा कि भारत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कई अलग-अलग देशों से ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने की नीति पर चल रहा है।
उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि कुछ दिन पहले, प्रधानमंत्री ने संसद में भी कहा था कि आप एक ऐसी रणनीति बना रहे हैं जिसके तहत, 40 से भी ज्यादा देशों से ऊर्जा की आपूर्ति हासिल की जा सके।
अर्जेंटीना से बढ़ रहा सहयोव
कॉसिनो ने कहा कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा में अर्जेंटीना की भूमिका लगातार बढ़ सकती है, क्योंकि दोनों देशों के बीच सहयोग अब कृषि और खनिजों से आगे बढ़कर ऊर्जा क्षेत्र तक फैल रहा है।
वहीं, अर्जेंटीना से भारत के ऊर्जा आयात में हो रही बढ़ोतरी की खबरों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस दक्षिण अमेरिकी देश के पास वैश्विक बाजारों को आपूर्ति करने की जबरदस्त क्षमता है, क्योंकि इसका क्षेत्रफल बहुत बड़ा है और आबादी बहुत कम है।
दुनिया का आठवां सबसे बड़ा देश अर्जेंटीना
कॉसिनो ने कहा- अर्जेंटीना दुनिया का आठवां सबसे बड़ा देश है, और भारत सातवां है, लेकिन हमारी आबादी बहुत कम है। हमारी आबादी 5 करोड़ से भी कम है। इसलिए, भोजन और ऊर्जा की घरेलू खपत भी अपेक्षाकृत कम है।
उन्होंने आगे कहा- इस लिहाज से, यह एक ऐसा देश है जो भारत और अन्य एशियाई देशों को इन चीजों की बड़े पैमाने पर आपूर्ति कर सकता है। हमें उम्मीद है कि आने वाले समय में हमारा यह सहयोग और भी मजबूत होगा।
अन्य देशों को भी ऊर्जा निर्यात करने की बात
राजदूत के अनुसार, अर्जेंटीना भारत और अन्य एशियाई अर्थव्यवस्थाओं को भोजन, खनिज और संभवतः ऊर्जा जैसे संसाधन बड़ी मात्रा में निर्यात कर सकता है।
व्यापक भू-राजनीतिक स्थिति पर बात करते हुए दूत ने मध्य पूर्व में चल रही शत्रुता को किसी एक टकराव के बजाय, आपस में जुड़े हुए कई जटिल संघर्षों का हिस्सा बताया।
उन्होंने कहा कि अर्जेंटीना की सरकार ने अमेरिका और इजराइल के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया है, साथ ही यह उम्मीद भी जताई है कि कूटनीतिक प्रयासों से कोई ऐसा समाधान निकलेगा जो क्षेत्र में शांति लाएगा।


