बाड़मेर कांग्रेस कार्यालय के आवंटित जमीन को लेकर विवाद शुरू हो गए। सोमवार को चार दीवारी का काम चल रहा था। इस दौरान नगर परिषद की टीम आई और काम रुकवाकर मौके से पावड़ा, टगारी जब्त कर ले गए। इसके बाद कांग्रेसी आयुक्त से मिले। कांग्रेस जिलाध्यक्ष का दावा है कि नगर परिषद की टीम गलतफहमी में सामान ले गई थी। कुछ देर बाद वापस लौटा दिए है। दरअसल, कांग्रेस सरकार में बाड़मेर नगर परिषद ने बीजेपी और कांग्रेस को अलग-अलग जगह पर कार्यालय के जमीन का आवंटन किया गया था। बीजेपी ने गडरारोड पर अपना कार्यालय बना दिया। वहीं कांग्रेस अब तक कार्यालय नहीं बना पाई। बीते कुछ दिनों से कांग्रेस आवंटित भूखंड पर चार दीवारी का निर्माण करवा रही है। इस दौरान कुछ लोग और महिलाओ ने इस जमीन पर अपना हक जताते हुए विरोध किया। बीजेपी नेताओं से मुलाकात की। वहीं नगर परिषद को शिकायत की गई। सोमवार को चार दीवारी का काम करने के दौरान कुछ लोग और महिलाएं मौके पर पहुंची। उन्होंने जमीन पर अपना हक जताने लगे। कुछ देर बाद नगर परिषद की टीम आई। उन्होंने काम को रुकवा दिया। मौके से सामान को जब्त कर लिया। इस दौरान काम करने वालों के बीच नगर परिषद के बीच बोलचाल भी हुई। इसके बाद कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता नगर परिषद आयुक्त के पास पहुंचे। कांग्रेसियों ने बताया कि नगर परिषद की ओर से जमीन आवंटित की गई है। इसके करीब 24 लाख रुपए भी जमा करवा रखे है। इस संबंध कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा का कहना है कि नगर परिषद आयुक्त से मिले थे। इसके बाद नगर परिषद जो सामान लेकर गई थी। उसे वापस लौटा दिया है। गलतफहमी से सामान जब्त किया था। नगर परिषद आयुक्त से इस संबंध में जानकारी लेने के लिए कई बार फोन किए लेकिन उन्होंने फोन उठाए नहीं।


