सीधी जिले के ग्राम पंचायत पटना में जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए करंट की चपेट में आने से एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई। यह घटना शनिवार सुबह 11 बजे हुई। मुन्नी बुनकर (32), पति राम किशोर बुनकर, जंगल में लकड़ी बिनने गई थीं, तभी वे करंट की चपेट में आ गईं। मुन्नी बुनकर रोज की तरह जंगल में लकड़ी लेने गई थीं। जंगल के किनारे खुले तार में बिजली प्रवाहित थी, जिसे वह देख नहीं पाईं और अनजाने में उसके संपर्क में आ गईं। करंट लगते ही वह जमीन पर गिर पड़ीं और उनके पैर, सीने और मुंह पर चोट आई। साथ में मौजूद अन्य महिलाओं ने उन्हें तुरंत वहां से हटाया और घर पहुंचाया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। नहीं था चेतावनी बोर्ड पीड़िता मुन्नी बुनकर ने बताया कि जंगल की ओर जाते समय उन्हें कहीं भी कोई चेतावनी या सुरक्षा इंतजाम नजर नहीं आया। खुले तार में अचानक करंट प्रवाहित था, जिसे देख पाना संभव नहीं था। करंट लगने से उनके शरीर के कई हिस्से बुरी तरह झुलस गए हैं, जिससे उन्हें चलने-फिरने में भी परेशानी हो रही है। समाजसेवी तेज बहादुर सिंह परिहार ने महिला की स्थिति को गंभीर बताया। उन्होंने कहा कि करंट से झुलसने के कारण मुन्नी के पैर की दो उंगलियां काटनी पड़ी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मुन्नी का कमर से नीचे का हिस्सा ठीक से काम नहीं कर रहा है और वह उठने-बैठने में असमर्थ हैं। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें 108 एंबुलेंस की मदद से रीवा स्थित संजय गांधी अस्पताल रेफर किया है। शिकायत मिलने पर करेंगे जांच पिपराव चौकी प्रभारी शेषमणि मिश्रा ने बताया कि महिला की हालत नाजुक होने के कारण पहले उनके उपचार की व्यवस्था कराई गई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आवेदन प्राप्त होते ही मामले की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


