कौशांबी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां पत्नी की हत्या के आरोप में पति करीब एक महीने जेल में रहा। लेकिन बाद में वही महिला जिंदा बरामद हो गई। महिला अपने प्रेमी के साथ हरियाणा में रह रही थी। पुलिस ने सच्चाई सामने आने के बाद पति को रिहा कर दिया है। अब झूठा आरोप लगाने वाले मायके पक्ष के लोगों पर केस दर्ज किया है।
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है। जिसने पुलिस और आम लोगों को हैरान कर दिया। यहां एक महिला की हत्या का आरोप लगाकर उसके पति को जेल भेज दिया गया। लेकिन बाद में वही महिला जिंदा मिली। मामला महेवाघाट थाना क्षेत्र के अलवारा गांव का है। यहां के रहने वाले योगेंद्र तिवारी ने अपने बेटे राजू तिवारी की शादी साल 2016 में अंकिता से की थी। शादी के बाद से ही अंकिता का व्यवहार सामान्य नहीं था। वह ज्यादातर अपने मायके में रहती थी।
परिजनों के मुताबिक, साल 2024 में अंकिता अपने मौसेरे भाई रामू उर्फ संकल्प मिश्रा के साथ दिल्ली चली गई थी। बाद में पंचायत के समझाने पर वह वापस घर आई। और संबंध खत्म करने का वादा किया। लेकिन उसके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया।
दो बार प्रेमी के साथ भाग चुकी
21 जनवरी 2026 को अंकिता फिर से घर से गायब हो गई। और इस बार वह जेवर और नकदी भी साथ ले गई। इसके बाद 22 जनवरी को पति ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। करीब एक महीने बाद, 20 फरवरी को मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर अंकिता की हत्या कर शव गायब करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करा दिया। पुलिस दबाव में पति राजू तिवारी ने 27 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर कर दिया। और वह जेल चला गया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि महिला पहले भी जिस युवक के साथ गई थी। उसी के संपर्क में है। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की, जो हरियाणा के मानेसर में मिली। वहां पहुंचकर पुलिस ने चार दिन तक निगरानी की और फिर महिला को उसके प्रेमी के साथ बरामद कर लिया।
अब पिता समेत चार लोगों पर दर्ज हुआ केस
पूछताछ में महिला ने बताया कि वह अपनी मर्जी से वहां रह रही थी। इसके बाद पुलिस दोनों को कौशांबी लेकर आई।
मामले में एसपी राजेश कुमार ने बताया कि महिला के मायके वालों ने झूठी शिकायत देकर निर्दोष लोगों को फंसाया। पुलिस ने महिला के पिता समेत चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। और दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। वहीं, कोर्ट के आदेश पर पति को जेल से रिहा कर दिया गया है।


