हरियाणा अभिभावक एकता मंच ने आरोप लगाया है कि फरीदाबाद में बच्चों के बस्ते के बढ़ते वजन और निजी प्रकाशकों की महंगी किताबों के मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। मंच का कहना है कि प्रदेश के कई जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी स्कूलों में जाकर बच्चों के बस्तों की जांच कर रहे हैं, लेकिन फरीदाबाद में अधिकारी इस मामले में चुप्पी साधे हुए हैं और खासकर सीबीएसई स्कूलों में जाने से बच रहे हैं।मंच ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव (शिक्षा) और शिक्षा निदेशक को पत्र भेजकर जिला शिक्षा अधिकारी की कार्यशैली की शिकायत की है। बच्चों के बस्तों की जांच कराने की मांग मंच ने मांग की है कि जिला उपायुक्त और जिला शिक्षा अधिकारी से एफिडेविट लिया जाए कि जिले के स्कूलों में एनसीईआरटी की जगह निजी प्रकाशकों की किताबें नहीं लगाई जा रही हैं और बच्चों के बस्तों का वजन निर्धारित सीमा से ज्यादा नहीं है। साथ ही सीएम फ्लाइंग स्क्वाड से भी सीबीएसई स्कूलों में जाकर बच्चों के बस्तों की जांच कराने की मांग की गई है।
शिकायत के बावजूद नहीं कार्रवाई मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा और प्रदेश लीगल एडवाइजर एडवोकेट बीएस विरदी ने बताया कि 26 मार्च को जिला शिक्षा अधिकारी और एफएफआरसी के चेयरमैन सह मंडल आयुक्त को पत्र लिखकर निजी स्कूलों में महंगी और मोटी किताबें बेचने तथा बच्चों के बस्तों का वजन बढ़ाने की शिकायत की गई थी और स्कूलों में जाकर इसकी जांच करने की मांग की गई थी। शिकायत के बावजूद अब तक कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई।


