नोएडा : दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के विकास को नई ऊंचाई देने वाला नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) अब उड़ानों के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औपचारिक घोषणा करते हुए बताया कि आगामी 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस भव्य एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। सीएम योगी ने सरकार के सफल कार्यकाल पर आधारित पुस्तक ‘नवनिर्माण के 9 वर्ष’ के विमोचन के दौरान यह बड़ी जानकारी साझा की।
लाइसेंस मिला, अब उड़ानों की तैयारी
हाल ही में विमानन नियामक (DGCA) से एयरपोर्ट लाइसेंस मिलने के बाद जेवर एयरपोर्ट के संचालन का रास्ता साफ हो गया था। अब उद्घाटन की तारीख तय होने से एनसीआर के यात्रियों में भारी उत्साह है।
जानें क्या हैं नोएडा एयरपोर्ट की 5 बड़ी खासियतें
बेहतरीन कनेक्टिविटी: यह एयरपोर्ट सीधे यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ा है।
मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट: इसे दिल्ली-नोएडा मेट्रो और भविष्य में पॉड टैक्सी (Pod Taxi) व रैपिड रेल से जोड़ने की योजना है।
डिजिटल इंडिया का चेहरा: यहां पेपरलेस एंट्री और बायोमेट्रिक स्मार्ट चेक-इन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ाव: हरियाणा के फरीदाबाद और बल्लभगढ़ को एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए 3,630 करोड़ रुपये के नए कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है।
एशिया का सबसे बड़ा हब: पूर्ण विकास के बाद यह न केवल भारत बल्कि एशिया के सबसे बड़े लॉजिस्टिक और एविएशन हब में से एक होगा।
किन शहरों के लिए शुरू होंगी उड़ानें?
शुरुआती चरण में नोएडा एयरपोर्ट से देश के 10 प्रमुख शहरों के लिए सीधी उड़ानें शुरू होंगी। इनमें मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे शहर शामिल हैं। इसके लिए इंडिगो (Indigo) और एयर इंडिया एक्सप्रेस के साथ समझौते की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
क्षेत्रीय विकास को लगेंगे पंख
इस एयरपोर्ट के शुरू होने से न केवल जेवर बल्कि ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम और पलवल के इलाकों में रियल एस्टेट और औद्योगिक गतिविधियों को जबरदस्त बूस्ट मिलेगा। साथ ही, गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट के विस्तार के लिए भी 9 एकड़ जमीन की मांग की गई है, जिससे एनसीआर में हवाई सेवाओं का जाल बिछ जाएगा।
सरकार की योजना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को देश के सबसे बड़े और आधुनिक हवाई अड्डों में से एक के रूप में विकसित किया जाए। परियोजना पूरी होने के बाद यहां कुल पांच रनवे होंगे और एयरपोर्ट का कुल क्षेत्रफल लगभग 11,750 एकड़ तक पहुंच जाएगा। अंतिम रूप से तैयार होने पर इसकी सालाना यात्री क्षमता करीब 30 करोड़ होने का अनुमान है, जिससे यह दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में शामिल हो सकता है।


