नीट छात्रा की रेप और हत्या के मामले में पुलिस और पीड़ित परिवार आमने-सामने आ गए हैं। शुक्रवार को डीजीपी विनय कुमार से मुलाकात के दौरान छात्रा के परिजनों की उनसे तीखी बहस हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस इस मामले को आत्महत्या बताने का दबाव बना रही है, जबकि पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट में रेप के साक्ष्य मिले हैं। डीजीपी के बुलावे पर छात्रा के पिता, मां, मामा और भाई उनसे मिलने पहुंचे थे। परिजनों का कहना है कि डीजीपी ने उनसे यह मान लेने को कहा कि छात्रा ने आत्महत्या की है। इस पर छात्रा की मां और पिता ने विरोध किया और पुलिस पर जांच को भटकाने का आरोप लगाया। मां ने कहा कि एसआईटी परिवार के लोगों को ही शक के घेरे में ले रही है और पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर रही। मां ने कहा- पुलिस बिकी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट में भी आया कि उसके कपड़े पर स्पर्म मिले हैं फिर पुलिस बार-बार सुसाइड क्यों बता रही है। मां ने कहा, मेरी बेटी को कोई न्याय नहीं दिलवा पा रहा। करीब 15-20 मिनट रहने के बाद परिजन डीजीपी आवास से बाहर निकल गए। मामला बढ़ने के बाद गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने डीजीपी को अपने आवास पर तलब किया। बाद में मुख्य सचिव भी वहां पहुंचे। मुख्य सचिव के पहुंचने के बाद कयास लगाया जा रहा है कि यह मामला सीबीआई को जा सकता है। जानिए…अब तक की जांच कहां पहुंची, क्या हुआ एफएसएल की रिपोर्ट के बाद एसआईटी ने बेऊर जेल में बंद हॉस्टल के मालिक मनीष कुमार रंजन और छात्रा के परिजनों के अलावा हॉस्टल में आने-जाने वाले युवकों समेत 25 का डीएनए टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल लिया है। एफएसएल की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि कपड़े पर पाया गया स्पर्म 18 से 21 साल के युवक का है। एसआईटी ने ऐसे तीन-चार युवकों को शक में हिरासत में लिया है। हालांकि इनके डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही एसआईटी मामले का खुलासा कर सकती है। विस सत्र शुरू होने से पहले हो सकता है खुलासा इस मामले को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार पर हमलावर है। 2 फरवरी से बिहार विधानमंडल का सत्र शुरू होने वाला है। सत्र में इस मामले को लेकर भारी हंगामा और सरकार पर हमले की बात कही जा रही है। पुलिस मुख्यालय और एसआईटी विधानसभा शुरू होने से पहले य तो इस मामले का खुलासा कर देगी या फिर जांच के लिए सीबीआई को सिफारिश कर सकती है। दो दिन पहले ही उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा जहानाबाद स्थित पीड़िता के आवास पर गए थे। हाईकोर्ट व मानवाधिकार तक पहुंचा पूरा मामला पूरा मामला अब हाईकोर्ट में पहुंचा है। एक जनहितयाचिका दायर कर इसे उठाया गया है। अधिवक्ता अलका वर्मा ने सुषमा कुमारी की ओर से यह याचिका दायर की है। याचिका में पूरी घटना की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से हाईकोर्ट की निगरानी में कराने का अनुरोध कोर्ट से किया गया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट व पटना हाईकोर्ट के वकील डॉ. कौशलेंद्र नारायण ने मानवधिकार आयोग में कंप्लेन केस दर्ज कराया है।
अनसुलझे सवाल…एसआईटी के पास जवाब नहीं इस मामले को लेकर पटना विश्वविद्यालय की छात्राएं सड़क पर उतरीं। छात्राओं ने पटना के मगध महिला कॉलेज से कारगिल चौक तक ‘बेटी बचाओ न्याय मार्च’ निकाला। कारगिल चौक पर सभी छात्राओं ने प्रदर्शन किया। छात्राओं ने कहा, बेटियों को सुरक्षा दो। पटना में छात्राओं ने विरोध में निकाला मार्च नीट छात्रा केस: डीजीपी से भिड़े परिजन, गृहमंत्री ने मुख्य सचिव व डीजीपी को तलब किया पूरे मामले की जांच कर रही एसआईटी अब तक इन सवालों के जवाब नहीं दे पा रही कि छात्रा के साथ रेप हुआ या नहीं। हुआ तो कहां हुआ। जहानाबाद या पटना में या कहीं और। क्या हॉस्टल के सीसीटीवी का फुटेज कुछ घंटों के लिए बंद था। छात्रा 6 जनवरी को एडमिट हुई थी पर पुलिस ने 9 जनवरी को सीसीटीवी का डीवीआर कब्जे में क्यों लिया। बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट आए पुलिस ने उसके सुसाइड करने का बयान कैसे दे दिया। एसआईटी विसरा और एम्स के रिपोर्ट का क्यों इंतजार कर रही है। नीट छात्रा की रेप और हत्या के मामले में पुलिस और पीड़ित परिवार आमने-सामने आ गए हैं। शुक्रवार को डीजीपी विनय कुमार से मुलाकात के दौरान छात्रा के परिजनों की उनसे तीखी बहस हो गई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस इस मामले को आत्महत्या बताने का दबाव बना रही है, जबकि पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट में रेप के साक्ष्य मिले हैं। डीजीपी के बुलावे पर छात्रा के पिता, मां, मामा और भाई उनसे मिलने पहुंचे थे। परिजनों का कहना है कि डीजीपी ने उनसे यह मान लेने को कहा कि छात्रा ने आत्महत्या की है। इस पर छात्रा की मां और पिता ने विरोध किया और पुलिस पर जांच को भटकाने का आरोप लगाया। मां ने कहा कि एसआईटी परिवार के लोगों को ही शक के घेरे में ले रही है और पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर रही। मां ने कहा- पुलिस बिकी हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल रिपोर्ट में भी आया कि उसके कपड़े पर स्पर्म मिले हैं फिर पुलिस बार-बार सुसाइड क्यों बता रही है। मां ने कहा, मेरी बेटी को कोई न्याय नहीं दिलवा पा रहा। करीब 15-20 मिनट रहने के बाद परिजन डीजीपी आवास से बाहर निकल गए। मामला बढ़ने के बाद गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने डीजीपी को अपने आवास पर तलब किया। बाद में मुख्य सचिव भी वहां पहुंचे। मुख्य सचिव के पहुंचने के बाद कयास लगाया जा रहा है कि यह मामला सीबीआई को जा सकता है। जानिए…अब तक की जांच कहां पहुंची, क्या हुआ एफएसएल की रिपोर्ट के बाद एसआईटी ने बेऊर जेल में बंद हॉस्टल के मालिक मनीष कुमार रंजन और छात्रा के परिजनों के अलावा हॉस्टल में आने-जाने वाले युवकों समेत 25 का डीएनए टेस्ट के लिए ब्लड सैंपल लिया है। एफएसएल की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि कपड़े पर पाया गया स्पर्म 18 से 21 साल के युवक का है। एसआईटी ने ऐसे तीन-चार युवकों को शक में हिरासत में लिया है। हालांकि इनके डीएनए रिपोर्ट आने के बाद ही एसआईटी मामले का खुलासा कर सकती है। विस सत्र शुरू होने से पहले हो सकता है खुलासा इस मामले को लेकर विपक्षी दल लगातार सरकार पर हमलावर है। 2 फरवरी से बिहार विधानमंडल का सत्र शुरू होने वाला है। सत्र में इस मामले को लेकर भारी हंगामा और सरकार पर हमले की बात कही जा रही है। पुलिस मुख्यालय और एसआईटी विधानसभा शुरू होने से पहले य तो इस मामले का खुलासा कर देगी या फिर जांच के लिए सीबीआई को सिफारिश कर सकती है। दो दिन पहले ही उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा जहानाबाद स्थित पीड़िता के आवास पर गए थे। हाईकोर्ट व मानवाधिकार तक पहुंचा पूरा मामला पूरा मामला अब हाईकोर्ट में पहुंचा है। एक जनहितयाचिका दायर कर इसे उठाया गया है। अधिवक्ता अलका वर्मा ने सुषमा कुमारी की ओर से यह याचिका दायर की है। याचिका में पूरी घटना की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से हाईकोर्ट की निगरानी में कराने का अनुरोध कोर्ट से किया गया है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट व पटना हाईकोर्ट के वकील डॉ. कौशलेंद्र नारायण ने मानवधिकार आयोग में कंप्लेन केस दर्ज कराया है।
अनसुलझे सवाल…एसआईटी के पास जवाब नहीं इस मामले को लेकर पटना विश्वविद्यालय की छात्राएं सड़क पर उतरीं। छात्राओं ने पटना के मगध महिला कॉलेज से कारगिल चौक तक ‘बेटी बचाओ न्याय मार्च’ निकाला। कारगिल चौक पर सभी छात्राओं ने प्रदर्शन किया। छात्राओं ने कहा, बेटियों को सुरक्षा दो। पटना में छात्राओं ने विरोध में निकाला मार्च नीट छात्रा केस: डीजीपी से भिड़े परिजन, गृहमंत्री ने मुख्य सचिव व डीजीपी को तलब किया पूरे मामले की जांच कर रही एसआईटी अब तक इन सवालों के जवाब नहीं दे पा रही कि छात्रा के साथ रेप हुआ या नहीं। हुआ तो कहां हुआ। जहानाबाद या पटना में या कहीं और। क्या हॉस्टल के सीसीटीवी का फुटेज कुछ घंटों के लिए बंद था। छात्रा 6 जनवरी को एडमिट हुई थी पर पुलिस ने 9 जनवरी को सीसीटीवी का डीवीआर कब्जे में क्यों लिया। बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट आए पुलिस ने उसके सुसाइड करने का बयान कैसे दे दिया। एसआईटी विसरा और एम्स के रिपोर्ट का क्यों इंतजार कर रही है।


