डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले करीब 8 हजार विद्यार्थियों का सामूहिक बीमा कराया गया है। इसके तहत दुर्घटना पर विद्यार्थी के परिजन को एक लाख रुपए तक मुआवजा मिलेगा। जबकि चौबीस घंटे या उससे अधिक अस्पताल में एडमिट रहने पर बीमारी के हिसाब से अधिकतम 10 हजार रुपए तक मिलेंगे। विद्यार्थियों से इसके लिए हर सेमेस्टर 30-30 रुपए प्रीमियम लिया जाएगा। डीएसडब्ल्यू प्रो. डीके नेमा ने बताया कि विद्यार्थियों को सामूहिक बीमा पॉलिसी भी दे दी है। किस तरह की चोट या नुकसान होने पर क्या मुआवजा बीमा के एवज में मिलेगा, इसकी पूरी जानकारी इसमें है। उन्होंने बताया कि फिलहाल 30-30 रुपए इंश्योरेंस के लेना विवि प्रशासन से निर्धारित है। उसमें जो बीमा प्लान मिला, वह हमने लिया है। अब स्टूडेंट काउंसिल में हम एक नया प्रस्ताव रख रहे हैं। यदि विद्यार्थियों से सहमति मिली और प्रीमियम 100-100 रुपए देने वह राजी हुए तो बीमा कवर राशि 1 लाख से बढ़कर 10 लाख रुपए की हो जाएगी। इसमें विद्यार्थियों की फैमिली भी बीमा कवर में शामिल रहेगी। हालांकि विद्यार्थियों का जो निर्णय होगा, यह सब उसी पर निर्भर करेगा। गौरतलब है कि पिछले साल विश्वविद्यालय परिसर में हुई दुर्घटना में फॉर्मेसी विभाग के विद्यार्थी की मौत हो गई थी। दो घायल भी हुए थे। इस पर मुआवजे और इलाज में मदद की मांग उठी तो पता लगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों से बीमा के एवज में 25-25 रुपए प्रति सेमेस्टर तो लगातार वसूल किए लेकिन बीते वर्षों में बीमा ही नहीं कराया। अब जाकर विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों का बीमा कराया है।


