जमुई जेल में आर्म्स एक्ट के विचाराधीन कैदी की मौत:सदर अस्पताल में इलाज के दौरान हुई, परिजनों को सूचना दी गई

जमुई जेल में आर्म्स एक्ट के विचाराधीन कैदी की मौत:सदर अस्पताल में इलाज के दौरान हुई, परिजनों को सूचना दी गई

जमुई मंडल कारा में आर्म्स एक्ट मामले में बंद एक विचाराधीन कैदी की शुक्रवार शाम सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र के गोबरदहा गांव निवासी 48 वर्षीय भूटन दास उर्फ गुडन रविदास, पुत्र किशुन रविदास के रूप में हुई है। जेल प्रशासन ने इस संबंध में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी है। भूटन दास को लक्ष्मीपुर थाना कांड संख्या 196/23 के तहत आर्म्स एक्ट मामले में 05 दिसंबर 2025 को जमुई मंडल कारा लाया गया था। जेल में बंद होने के अगले ही दिन, 06 दिसंबर 2025 को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। बंदी का 9 दिसंबर 2025 तक पीएमसीएच में चला इलाज इसके बाद जेल प्रशासन ने उसे जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया था। बंदी का 09 दिसंबर 2025 तक पीएमसीएच में इलाज चला। वह पुनः 21 दिसंबर से 23 दिसंबर 2025 तक पीएमसीएच में इलाजरत रहा। 12 जनवरी 2026 को भी पीएमसीएच के ओपीडी में उसका इलाज कराया गया था। शुक्रवार को एक बार फिर भूटन दास की तबीयत अचानक बिगड़ गई। जेल सुरक्षा कर्मियों द्वारा उसे तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक बंदी को किस बीमारी के कारण इलाज चल रहा था, इसकी स्पष्ट जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है। परिजन शनिवार सुबह अस्पताल पहुंचे और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को अपने साथ ले गए। जमुई मंडल कारा में आर्म्स एक्ट मामले में बंद एक विचाराधीन कैदी की शुक्रवार शाम सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र के गोबरदहा गांव निवासी 48 वर्षीय भूटन दास उर्फ गुडन रविदास, पुत्र किशुन रविदास के रूप में हुई है। जेल प्रशासन ने इस संबंध में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जानकारी दी है। भूटन दास को लक्ष्मीपुर थाना कांड संख्या 196/23 के तहत आर्म्स एक्ट मामले में 05 दिसंबर 2025 को जमुई मंडल कारा लाया गया था। जेल में बंद होने के अगले ही दिन, 06 दिसंबर 2025 को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। बंदी का 9 दिसंबर 2025 तक पीएमसीएच में चला इलाज इसके बाद जेल प्रशासन ने उसे जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया था। बंदी का 09 दिसंबर 2025 तक पीएमसीएच में इलाज चला। वह पुनः 21 दिसंबर से 23 दिसंबर 2025 तक पीएमसीएच में इलाजरत रहा। 12 जनवरी 2026 को भी पीएमसीएच के ओपीडी में उसका इलाज कराया गया था। शुक्रवार को एक बार फिर भूटन दास की तबीयत अचानक बिगड़ गई। जेल सुरक्षा कर्मियों द्वारा उसे तत्काल सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक बंदी को किस बीमारी के कारण इलाज चल रहा था, इसकी स्पष्ट जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दे दी गई है। परिजन शनिवार सुबह अस्पताल पहुंचे और कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को अपने साथ ले गए।  

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