बेगूसराय में संपत्ति हड़पने के लिए पत्नी ने अपने पति भूषण सिंह (46) की हत्या करवा दी। मर्डर में महिला समेत 5 लोग शामिल हैं। जिसमें 2 इंटर के स्टूडेंट भी हैं, दोनों जुड़वां भाई हैं। जिन्होंने 9 फरवरी की सुबह एग्जाम दिया और शाम में अपने पिता के साथ मर्डर करने निकले। दोनों नाबालिग छात्रों को पुलिस ने पकड़ लिया है। इसके अलावा एक पड़ोस के गांव का व्यक्ति है। इन्हें महिला ने रुपए का लालच दिया था। मृतक के बड़े भाई दिलीप सिंह (58) के अनुसार मर्डर के वक्त महिला खुद भी मौके पर थी। उसने अपने सामने पति पर गोलियां चलवाईं। एक गोली सीने में लगने के बाद भूषण दौड़कर अपनी जान बचाने के लिए भागा, लेकिन अरोपियों ने बैक टू बैक 5 गोली मार दी। भूषण को सिर में 2, बांह में 1 और सीने में 3 बुलेट लगी। नामजद FIR के बाद पुलिस ने घटना वाले दिन ही बदलपुरा गांव के दोनों नाबालिग छात्रों को पकड़ लिया था। छात्रों के पास से एडमिड कार्ड भी मिला। बाकी के आरोपी फरार हैं। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कैथमा की है। मैं मौके पर पहुंचा तो आरोपी भाग रहे थे भूषण सिंह (46) के बड़े भाई दिलीप ने कहा है कि, भूषण सोमवार की शाम करीब साढ़े 4 बजे घर से 400 मीटर दूर खेत में मवेशी के लिए चारा लाने गया था। उसने थोड़ी ही घास काटी थी। मैं उस वक्त घर पर ही था। इतने में गांव का एक व्यक्ति दौड़ते-चिल्लाते हुए मेरे पास आया। उसने कहा कि तुम्हारे भाई को मार दिया। मैं भागते हुए खेत पहुंचा। वहां देखा कि मटिहानी थाना क्षेत्र के बदलपुरा गांव निवासी शंकर सिंह, उसके 2 नाबालिग जुड़वा बेटे और सिहमा गांव निवासी राजन सिंह का बेटा उज्जवल कुमार मटिहानी की ओर भाग रहे थे। दोनों नाबालिग और उज्जवल पिस्टल लहरा रहे थे। मेरा भाई खेत में गिरा हुआ था। सीने और कान से खून बह रहा था। वहां काफी दूर तक खून फैला था। देखने से ऐसा लग रहा कि लीची के बगान के रास्ते बदमाश पहुंचे और हमला किया। हमने पुलिस को सूचना दी और भाई को एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, पर उसकी जान नहीं बची। मैंने सुनीता सहित 5 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। शादी के एक महीने बाद पता चला पत्नी की दूसरी शादी है परिजन के अनुसार भूषण सिंह की शादी नहीं हो रही थी। उसे लड़की की तलाश थी। इसी बीच भूषण के एक दोस्त ने कहा था कि मैं तुम्हारी शादी करवाऊंगा। दोस्त ने 15 साल पहले सुनिता देवी से भूषण की शादी करा दी। सुनीता की भूषण के साथ दूसरी शादी थी, पर ये बात भूषण को नहीं पता थी। भूषण को कुछ तस्वीरों और लोगों से सुनीता की पहली शादी के बारे में पता चला। जिसके बाद दोनों के बीच बहस होने लगी। सुनीता गुस्से में अपने मायके चली गई। मायके गया देवर, भाभी ने कर ली शादी सुनीता ससुराल नहीं लौटी तब भूषण सिंह की मां ने अपने छोटे बेटे राजू (42) को सुनिता के मायके भेजा। सुनीता ने अपने देवर को कह दिया कि वो भूषण के साथ नहीं रहेगी। ये बोलकर सुनीता ने अपने देवर राजू को ही फंसा लिया और उससे कोर्ट मैरिज कर ली। भूषण को तलाक भी नहीं दिया। कोर्ट मैरिज के बाद राजू और सुनीता अलग रहने लगे। दोनों के 2 बच्चे भी हुए। दूसरी तरफ भूषण ने मान लिया था कि उसका न अब कोई राजू नाम का भाई है और पत्नी। भूषण खेती में व्यस्ता रहने लगा। भूषण सिंह ने बेगूसराय-मटिहानी मुख्य सड़क पर पानगाछी के आगे वार्ड नंबर-19 में बदलपुरा गांव से पहले मकान और दुकान बनवाया, जहां वो रहने लगे। वहीं, अपने मकान में ही उन्होंने ई-रिक्शा का पार्ट बेचने और मरम्मत करने की दुकान खोली। दूसरे पति की भी हत्या का आरोप मृतक भूषण के भाई दिलीप कहते हैं कि हम पांच भाई में दो की सुनीता ने जान ले ली है। छोटे भाई राजू की भी सुनीता ने हत्या करवा दी थी। 2024 में सुनीता ने उसे गोली मरवा दी थी। 6 महीने तक उसका इलाज चला था, फिर उसने दम तोड़ दिया था। उसके बाद सुनीता ने उसकी संपत्ति हड़प ली। राजू की मौत के बाद सुनीता देवी का अन्य लोगों से संपर्क हुआ। उसे रोकने-टोकने वाला कोई नहीं रहा। उसके बाद भूषण की संपत्ति हड़पना चाहती है। नए घर पर सुनीता की थी नजर भाई दिलीप ने कहा कि भूषण सिंह ने एक घर बनवाना शुरू किया और अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए उसने अपनी जमीन का डेढ़ करोड़ में सौदा किया था। वो जमीन बेचना चाहता था। सुनीता देवी ने भूषण सिंह के नए घर पर भी कब्जा करने की कोशिश शुरू कर दी। वह चाहती थी कि भूषण का नया घर भी उसे ही मिल जाए। जमीन के बदले मिलने वाले रुपए भी वो रखना चाहती थी, इसलिए उसकी हत्या करा दी। बेगूसराय में संपत्ति हड़पने के लिए पत्नी ने अपने पति भूषण सिंह (46) की हत्या करवा दी। मर्डर में महिला समेत 5 लोग शामिल हैं। जिसमें 2 इंटर के स्टूडेंट भी हैं, दोनों जुड़वां भाई हैं। जिन्होंने 9 फरवरी की सुबह एग्जाम दिया और शाम में अपने पिता के साथ मर्डर करने निकले। दोनों नाबालिग छात्रों को पुलिस ने पकड़ लिया है। इसके अलावा एक पड़ोस के गांव का व्यक्ति है। इन्हें महिला ने रुपए का लालच दिया था। मृतक के बड़े भाई दिलीप सिंह (58) के अनुसार मर्डर के वक्त महिला खुद भी मौके पर थी। उसने अपने सामने पति पर गोलियां चलवाईं। एक गोली सीने में लगने के बाद भूषण दौड़कर अपनी जान बचाने के लिए भागा, लेकिन अरोपियों ने बैक टू बैक 5 गोली मार दी। भूषण को सिर में 2, बांह में 1 और सीने में 3 बुलेट लगी। नामजद FIR के बाद पुलिस ने घटना वाले दिन ही बदलपुरा गांव के दोनों नाबालिग छात्रों को पकड़ लिया था। छात्रों के पास से एडमिड कार्ड भी मिला। बाकी के आरोपी फरार हैं। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कैथमा की है। मैं मौके पर पहुंचा तो आरोपी भाग रहे थे भूषण सिंह (46) के बड़े भाई दिलीप ने कहा है कि, भूषण सोमवार की शाम करीब साढ़े 4 बजे घर से 400 मीटर दूर खेत में मवेशी के लिए चारा लाने गया था। उसने थोड़ी ही घास काटी थी। मैं उस वक्त घर पर ही था। इतने में गांव का एक व्यक्ति दौड़ते-चिल्लाते हुए मेरे पास आया। उसने कहा कि तुम्हारे भाई को मार दिया। मैं भागते हुए खेत पहुंचा। वहां देखा कि मटिहानी थाना क्षेत्र के बदलपुरा गांव निवासी शंकर सिंह, उसके 2 नाबालिग जुड़वा बेटे और सिहमा गांव निवासी राजन सिंह का बेटा उज्जवल कुमार मटिहानी की ओर भाग रहे थे। दोनों नाबालिग और उज्जवल पिस्टल लहरा रहे थे। मेरा भाई खेत में गिरा हुआ था। सीने और कान से खून बह रहा था। वहां काफी दूर तक खून फैला था। देखने से ऐसा लग रहा कि लीची के बगान के रास्ते बदमाश पहुंचे और हमला किया। हमने पुलिस को सूचना दी और भाई को एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, पर उसकी जान नहीं बची। मैंने सुनीता सहित 5 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया है। शादी के एक महीने बाद पता चला पत्नी की दूसरी शादी है परिजन के अनुसार भूषण सिंह की शादी नहीं हो रही थी। उसे लड़की की तलाश थी। इसी बीच भूषण के एक दोस्त ने कहा था कि मैं तुम्हारी शादी करवाऊंगा। दोस्त ने 15 साल पहले सुनिता देवी से भूषण की शादी करा दी। सुनीता की भूषण के साथ दूसरी शादी थी, पर ये बात भूषण को नहीं पता थी। भूषण को कुछ तस्वीरों और लोगों से सुनीता की पहली शादी के बारे में पता चला। जिसके बाद दोनों के बीच बहस होने लगी। सुनीता गुस्से में अपने मायके चली गई। मायके गया देवर, भाभी ने कर ली शादी सुनीता ससुराल नहीं लौटी तब भूषण सिंह की मां ने अपने छोटे बेटे राजू (42) को सुनिता के मायके भेजा। सुनीता ने अपने देवर को कह दिया कि वो भूषण के साथ नहीं रहेगी। ये बोलकर सुनीता ने अपने देवर राजू को ही फंसा लिया और उससे कोर्ट मैरिज कर ली। भूषण को तलाक भी नहीं दिया। कोर्ट मैरिज के बाद राजू और सुनीता अलग रहने लगे। दोनों के 2 बच्चे भी हुए। दूसरी तरफ भूषण ने मान लिया था कि उसका न अब कोई राजू नाम का भाई है और पत्नी। भूषण खेती में व्यस्ता रहने लगा। भूषण सिंह ने बेगूसराय-मटिहानी मुख्य सड़क पर पानगाछी के आगे वार्ड नंबर-19 में बदलपुरा गांव से पहले मकान और दुकान बनवाया, जहां वो रहने लगे। वहीं, अपने मकान में ही उन्होंने ई-रिक्शा का पार्ट बेचने और मरम्मत करने की दुकान खोली। दूसरे पति की भी हत्या का आरोप मृतक भूषण के भाई दिलीप कहते हैं कि हम पांच भाई में दो की सुनीता ने जान ले ली है। छोटे भाई राजू की भी सुनीता ने हत्या करवा दी थी। 2024 में सुनीता ने उसे गोली मरवा दी थी। 6 महीने तक उसका इलाज चला था, फिर उसने दम तोड़ दिया था। उसके बाद सुनीता ने उसकी संपत्ति हड़प ली। राजू की मौत के बाद सुनीता देवी का अन्य लोगों से संपर्क हुआ। उसे रोकने-टोकने वाला कोई नहीं रहा। उसके बाद भूषण की संपत्ति हड़पना चाहती है। नए घर पर सुनीता की थी नजर भाई दिलीप ने कहा कि भूषण सिंह ने एक घर बनवाना शुरू किया और अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए उसने अपनी जमीन का डेढ़ करोड़ में सौदा किया था। वो जमीन बेचना चाहता था। सुनीता देवी ने भूषण सिंह के नए घर पर भी कब्जा करने की कोशिश शुरू कर दी। वह चाहती थी कि भूषण का नया घर भी उसे ही मिल जाए। जमीन के बदले मिलने वाले रुपए भी वो रखना चाहती थी, इसलिए उसकी हत्या करा दी।


