Mirumi Robot: बड़ी-बड़ी आंखें, सॉफ्ट टॉय जैसा क्यूट लुक और ऐसा एक्सप्रेशन कि देखने वाला मुस्कुरा दे, पहली नजर में मिरुमी किसी प्यारी सी डॉल जैसा लगता है। लेकिन जैसे ही यह आंखें घुमाता है या हल्की-सी हरकत करता है, तब समझ आ जाता है कि यह कोई आम खिलौना नहीं, बल्कि एक स्मार्ट रोबोट है। 2026 की शुरुआत में ही इस नन्हे से जापानी रोबोट ने सोशल मीडिया पर एंट्री लेते ही सबका ध्यान खींच अपनी ओर खींच लिया है और अब कहा भी जा सकता है लाबूबू का दौर खत्म, मिरुमी का जादू शुरू।
मिरुमी सिर्फ खिलौना है या कुछ और?
पहली नजर में मिरुमी आपको किसी नॉर्मल बैग चार्म (Bag Charm) जैसा लग सकता है, लेकिन यह उससे कहीं ज्यादा एडवांस है। यह एक फर डिजाइन का रोबोट है। इसे खास तौर पर उन लोगों के लिए बनाया गया है जो भीड़-भाड़ वाली लाइफ में अकेलेपन या तनाव को महसूस करते हैं। यह रोबोट झाड़ू-पोछा तो नहीं करेगा, लेकिन आपके उदास चेहरे पर स्माइल जरूर ले आएगा।
इसके फीचर्स उड़ा देंगे आपके होश
मिरुमी की सबसे बड़ी खासियत इसका इंसानों की तरह व्यवहार करना है। इसमें एडवांस सेंसर लगे हैं जो इसे जीवित होने का अहसास कराते हैं। जैसे-
- जब आप अपना बैग लेकर चलते हैं, तो यह आसपास की चीजों को बड़े गौर से देखता है।
- अगर कोई अजनबी इसके बहुत करीब आए या इसे छूने की कोशिश करें, तो यह किसी छोटे बच्चे की तरह शर्माकर अपना मुंह फेर लेता है।
- अगर आप इसे जरूरत से ज्यादा हिलाएंगे, तो यह अपना सिर हिलाकर ‘ना’ कहेगा।
- जब इसकी बैटरी खत्म होने वाली होती है, तो यह थका हुआ महसूस करता है और सुस्त पड़ जाता है। तो इसे आप Type-C चार्जर से चार्ज कर सकते हैं।
क्यों बन रहा है 2026 का नया ऑब्सेशन?
लाबूबू उसके लुक्स और लिमिटेड एडिशन होने की वजह से फेमस हुई थी, लेकिन मिरुमी की ताकत उसकी ‘इमोशनल टेक्नोलॉजी’ है। यह किसी पालतू जानवर या बच्चे की तरह आपके साथ कनेक्कशन फील कराता है। यूकाई इंजीनियरिंग के सीईओ शुनसुके आओकी के मुताबिक, इसे बिजी मेट्रो, कैफे की लाइनों और अकेले ट्रेवल करने के टाइम लोगों के बीच बातें करने और छोटी- छोटी खुशियां बांटने के लिए बनाया गया है।
इसकी कीमत और बाजार में उपलब्धता
मिरुमी को पहली बार CES 2025 में दिखाया गया था और अब यह मार्केट में छाने को तैयार है। इसकी शुरुआती कीमत करीब 18,360 येन (लगभग 10,500 भारतीय रुपये) के आसपास रखी गई है। इसकी डिलीवरी अप्रैल 2026 से शुरू होने की उम्मीद है, हालांकि क्राउडफंडिंग प्रोजेक्ट्स में टाइमलाइन बदल भी सकती है।


