सागर के दक्षिण वन परिक्षेत्र की ढाना रेंज में मिले नर बाघ की मौत का कारण सामने आ गया है। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में करंट की चपेट में आने से बाघ की मौत होने की पुष्टि हुई है। राहत की बात यह है कि बाघ के शरीर के सभी अंग (नाखून, दांत, खाल) सुरक्षित मिले हैं, जिससे शिकार के उद्देश्य से हत्या की आशंका कम नजर आ रही है। वन विभाग ने शासन की एसओपी के तहत वीडियोग्राफी कराते हुए शव का अंतिम संस्कार कर दिया है। घटना रविवार की है। करीब 6 वर्षीय नर बाघ का शव ढाना रेंज के ग्राम हिलगन की राजस्व भूमि में मिला था। यह स्थान टोरिया की खेर माता बीट (कक्ष क्रमांक पीएफ 851) से लगभग 2 किमी दूर है। सूचना मिलते ही वन विभाग ने वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व की डॉग स्क्वॉड टीम को बुलाकर घटनास्थल की छानबीन की, लेकिन मौके से कोई विशेष संदिग्ध साक्ष्य नहीं मिले। बाघ की पहचान की कोशिश जारी डीएफओ वरूण यादव ने बताया कि मृत टाइगर कहां से आया और किस टेरिटरी का है, इसकी जानकारी अभी नहीं लग सकी है। रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व समेत आसपास के टाइगर रिजर्व से बाघ के स्ट्राइप्स (धारियों) का मिलान कर जानकारी जुटाई जा रही है। वन विभाग ने वन अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


