श्योपुर जिले में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। महीने के पहले ही हफ्ते में अधिकतम तापमान 36 डिग्री तक पहुंच गया है। लगातार बढ़ते पारे के कारण दोपहर के समय सड़कों पर चहल-पहल कम हो गई है और लोग गर्मी से बचाव के लिए मुंह ढककर घरों से बाहर निकल रहे हैं। पिछले एक हफ्ते के तापमान पर गौर करें तो गर्मी में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। 1 मार्च को अधिकतम तापमान 32 डिग्री था, जो 2 मार्च को 32.4 डिग्री और 3 मार्च को बढ़कर 33 डिग्री हो गया। इसके बाद 4 मार्च को तापमान 34 डिग्री तक पहुंचा। 5 मार्च को पारा 35 डिग्री और 6 मार्च को इस हफ्ते का सर्वाधिक 36 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, 7 मार्च को तापमान 35.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। सड़कों पर वाहनों और लोगों की आवाजाही कम मौसम में आए इस बदलाव का असर आम जनजीवन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। दोपहर की तेज धूप के कारण लोग केवल आवश्यक कार्य होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। बाजारों में भी लोग गमछा, दुपट्टा या अन्य कपड़े से अपना चेहरा ढककर निकलते नजर आ रहे हैं। विशेषकर बाइक सवार और पैदल चलने वाले लोग गर्म हवाओं और धूप से बचने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं। दोपहर के समय सड़कों पर वाहनों और लोगों की आवाजाही में कमी आई है। बाजारों में सुबह और शाम के समय ही अधिक भीड़ दिखाई देती है, जबकि दोपहर में दुकानें सूनी नजर आती हैं। ठंड के बाद अचानक बढ़ी इस गर्मी से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आने वाले दिनों में भीषण गर्मी का संकेत स्थानीय निवासियों का कहना है कि मार्च की शुरुआत में ही इस तरह तापमान का बढ़ना आने वाले दिनों में भीषण गर्मी का संकेत है। आमतौर पर अप्रैल और मई के महीनों में अधिक गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार मार्च में ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर महसूस होने लगा है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि हो सकती है, जिससे गर्मी का प्रकोप और बढ़ सकता है।


