-1°C पहुंचा रांची के मैक्लुस्कीगंज का तापमान:6 जिलों में पारा 5°C से नीचे, यलो अलर्ट जारी, 11 फ्लाइट्स हुई लेट

-1°C पहुंचा रांची के मैक्लुस्कीगंज का तापमान:6 जिलों में पारा 5°C से नीचे, यलो अलर्ट जारी, 11 फ्लाइट्स हुई लेट

झारखंड में कड़ाके की ठंड का दौर अभी थमने वाला नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण अगले दो दिनों तक ठंड और बढ़ेगी। न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट की संभावना जताई गई है। खासकर रांची, गुमला और खूंटी में शीतलहर जैसी स्थिति बनी रह सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। सुबह और शाम घना कोहरा छाने से विजिबिलिटी कम रहेगी, जबकि दिन में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। ठंडी हवाओं की रफ्तार चार से पांच किलोमीटर प्रति घंटा रहने से ठिठुरन और बढ़ेगी। रांची का मैक्लुस्कीगंज में सबसे अधिक ठंड राज्य में सबसे ठंडा इलाका मैक्लुस्कीगंज बना हुआ है। यहां शनिवार को न्यूनतम तापमान माइनस एक डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। खूंटी में 1.4 डिग्री और गुमला में 1.5 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2.4 डिग्री कम है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से 2.7 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। हजारीबाग और गढ़वा में 3.7 डिग्री, डालटनगंज में 3.5 डिग्री, बोकारो और सरायकेला में 6.1 डिग्री, जमशेदपुर और लातेहार में 8.0 डिग्री, देवघर में 7.1 डिग्री, कोडरमा और चतरा में 6.6 व 6.0 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। कुल मिलाकर छह जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से नीचे चला गया है। खेती और जनजीवन पर पड़ रहा असर कड़ाके की ठंड का सीधा असर खेती और आम जनजीवन पर दिखने लगा है। मैक्लुस्कीगंज और आसपास के इलाकों में घास और खेतों में पाला जम गया है। इससे सब्जियों और रबी फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। सुबह और देर रात ठंडी हवा व कोहरे के कारण लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए यह मौसम जोखिम भरा माना जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, अलाव का सहारा लेने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। 11 फ्लाइट्स देर से भी उड़ान घने कोहरे का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा है। शनिवार को रांची एयरपोर्ट से संचालित 11 उड़ानें देरी से चलीं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और पटना जाने वाली कई फ्लाइट्स के समय में बदलाव करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार विजिबिलिटी कम होने के कारण विमानों के संचालन में दिक्कत आई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय कोहरे की संभावना जताते हुए यात्रियों को समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने और अपडेट लेने की सलाह दी है। झारखंड में कड़ाके की ठंड का दौर अभी थमने वाला नहीं है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण अगले दो दिनों तक ठंड और बढ़ेगी। न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक और गिरावट की संभावना जताई गई है। खासकर रांची, गुमला और खूंटी में शीतलहर जैसी स्थिति बनी रह सकती है। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। सुबह और शाम घना कोहरा छाने से विजिबिलिटी कम रहेगी, जबकि दिन में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। ठंडी हवाओं की रफ्तार चार से पांच किलोमीटर प्रति घंटा रहने से ठिठुरन और बढ़ेगी। रांची का मैक्लुस्कीगंज में सबसे अधिक ठंड राज्य में सबसे ठंडा इलाका मैक्लुस्कीगंज बना हुआ है। यहां शनिवार को न्यूनतम तापमान माइनस एक डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। खूंटी में 1.4 डिग्री और गुमला में 1.5 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ। राजधानी रांची में न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री रहा, जो सामान्य से 2.4 डिग्री कम है, जबकि अधिकतम तापमान सामान्य से 2.7 डिग्री नीचे दर्ज किया गया। हजारीबाग और गढ़वा में 3.7 डिग्री, डालटनगंज में 3.5 डिग्री, बोकारो और सरायकेला में 6.1 डिग्री, जमशेदपुर और लातेहार में 8.0 डिग्री, देवघर में 7.1 डिग्री, कोडरमा और चतरा में 6.6 व 6.0 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। कुल मिलाकर छह जिलों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री से नीचे चला गया है। खेती और जनजीवन पर पड़ रहा असर कड़ाके की ठंड का सीधा असर खेती और आम जनजीवन पर दिखने लगा है। मैक्लुस्कीगंज और आसपास के इलाकों में घास और खेतों में पाला जम गया है। इससे सब्जियों और रबी फसलों को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। सुबह और देर रात ठंडी हवा व कोहरे के कारण लोग घरों से निकलने से बच रहे हैं। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए यह मौसम जोखिम भरा माना जा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को गर्म कपड़े पहनने, अलाव का सहारा लेने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। 11 फ्लाइट्स देर से भी उड़ान घने कोहरे का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा है। शनिवार को रांची एयरपोर्ट से संचालित 11 उड़ानें देरी से चलीं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और पटना जाने वाली कई फ्लाइट्स के समय में बदलाव करना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार विजिबिलिटी कम होने के कारण विमानों के संचालन में दिक्कत आई। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय कोहरे की संभावना जताते हुए यात्रियों को समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने और अपडेट लेने की सलाह दी है।  

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