किशनगंज में ट्रेन के आगे कूदा किशोर:15 साल का था, आधे घंटे पहले तक पटरियों पर घूमा, मौसा के यहां रहता था

किशनगंज में ट्रेन के आगे कूदा किशोर:15 साल का था, आधे घंटे पहले तक पटरियों पर घूमा, मौसा के यहां रहता था

किशनगंज शहर के फेरिंगोरा रेल फाटक के पास एक 15 वर्षीय किशोर ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान आलोक कुमार के रूप में हुई है। यह घटना गुवाहाटी-द्वारका एक्सप्रेस के सामने हुई। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) मामले की जांच कर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और रेल फाटक कर्मी के अनुसार, आलोक कुमार घटना से लगभग आधे घंटे पहले रेल पटरी के आसपास घूम रहा था। जैसे ही गुवाहाटी-द्वारका एक्सप्रेस आई, उसने इंजन के ठीक सामने छलांग लगा दी। लोको पायलट ने तत्काल घटना की सूचना दी, जिसके बाद आरपीएफ और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। बीती रात मौत की सूचना मिली
आरपीएफ इंस्पेक्टर एचके शर्मा ने बताया, “लोको पायलट की सूचना पर हम मौके पर पहुंचे। प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए किशनगंज सदर अस्पताल भेज दिया गया है। जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।” मृतक आलोक कुमार (15 वर्ष) उत्तर ठाकुरबाड़ी रोड, वार्ड नंबर 07 का निवासी था। उसके पिता का नाम मोहन राम है। मृतक के मोसा चंदन सोनार, जो किशनगंज सदर अस्पताल में एंबुलेंस चालक हैं, ने बताया कि आलोक बचपन से उनके घर में रहता था और पढ़ाई-लिखाई करता था। परिवार उसकी सभी जरूरतें पूरी करता था। चंदन सोनार ने बताया कि बीती रात उन्हें बच्चे की ट्रेन से कटकर मौत होने की सूचना मिली, जिससे परिवार सदमे में आ गया। परिवार के सदस्यों ने कहा कि आलोक का व्यवहार सामान्य था और कोई विशेष परेशानी सामने नहीं आई थी। हालांकि, पुलिस जांच में मानसिक तनाव या अन्य संभावित कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। किशोरों की देखभाल पर चर्चा छेड़ दी
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया है और रिपोर्ट का इंतजार है। यदि कोई अतिरिक्त जानकारी सामने आती है, तो जांच में नए तथ्य उजागर हो सकते हैं। इस घटना ने पूरे शहर में सुसाइड रोकथाम और किशोरों की देखभाल पर चर्चा छेड़ दी है। किशनगंज शहर के फेरिंगोरा रेल फाटक के पास एक 15 वर्षीय किशोर ने ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान आलोक कुमार के रूप में हुई है। यह घटना गुवाहाटी-द्वारका एक्सप्रेस के सामने हुई। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है। पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) मामले की जांच कर रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों और रेल फाटक कर्मी के अनुसार, आलोक कुमार घटना से लगभग आधे घंटे पहले रेल पटरी के आसपास घूम रहा था। जैसे ही गुवाहाटी-द्वारका एक्सप्रेस आई, उसने इंजन के ठीक सामने छलांग लगा दी। लोको पायलट ने तत्काल घटना की सूचना दी, जिसके बाद आरपीएफ और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। बीती रात मौत की सूचना मिली
आरपीएफ इंस्पेक्टर एचके शर्मा ने बताया, “लोको पायलट की सूचना पर हम मौके पर पहुंचे। प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए किशनगंज सदर अस्पताल भेज दिया गया है। जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।” मृतक आलोक कुमार (15 वर्ष) उत्तर ठाकुरबाड़ी रोड, वार्ड नंबर 07 का निवासी था। उसके पिता का नाम मोहन राम है। मृतक के मोसा चंदन सोनार, जो किशनगंज सदर अस्पताल में एंबुलेंस चालक हैं, ने बताया कि आलोक बचपन से उनके घर में रहता था और पढ़ाई-लिखाई करता था। परिवार उसकी सभी जरूरतें पूरी करता था। चंदन सोनार ने बताया कि बीती रात उन्हें बच्चे की ट्रेन से कटकर मौत होने की सूचना मिली, जिससे परिवार सदमे में आ गया। परिवार के सदस्यों ने कहा कि आलोक का व्यवहार सामान्य था और कोई विशेष परेशानी सामने नहीं आई थी। हालांकि, पुलिस जांच में मानसिक तनाव या अन्य संभावित कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। किशोरों की देखभाल पर चर्चा छेड़ दी
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया है और रिपोर्ट का इंतजार है। यदि कोई अतिरिक्त जानकारी सामने आती है, तो जांच में नए तथ्य उजागर हो सकते हैं। इस घटना ने पूरे शहर में सुसाइड रोकथाम और किशोरों की देखभाल पर चर्चा छेड़ दी है।  

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