पीलीभीत में बरहा के कंपोजिट विद्यालय की छात्राएं डीएम ज्ञानेंद्र सिंह से मिलने पहुंचीं। इस दौरान एक छात्रा ने डीएम से पूछा कि वह उनकी तरह जिलाधिकारी कैसे बन सकती है। छात्रा के इस आत्मविश्वास भरे सवाल ने जिलाधिकारी का दिल जीत लिया। छात्रा ने डीएम ज्ञानेंद्र सिंह से कहा- सर, मुझे डीएम बनना है। इसके लिए मुझे कैसे और कितनी पढ़ाई करनी होगी। डीएम ने छात्रा के उत्साह की सराहना की और उसे सफलता के मंत्र बताए। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता की पहली सीढ़ी लक्ष्य का निर्धारण है। उन्होंने सलाह दी कि यदि सिविल सेवा में जाना है, तो अभी से मानसिक रूप से तैयार रहें। पढ़ाई के लिए समय सारणी बनाए उन्होंने पढ़ाई के लिए एक निश्चित समय सारणी बनाने और अनुशासन के साथ उसका पालन करने पर जोर दिया। डीएम ने कहा कि हर किसी का सपना अलग होता है, इसलिए अपनी रुचि को पहचानें और उसी दिशा में मेहनत करें, चाहे वह डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक या वकील बनना हो। डीएम ने छात्राओं को अपने शिक्षकों से लगातार मार्गदर्शन लेने की सलाह दी। क्योंकि शिक्षक ही भविष्य की नींव रखते हैं। छात्राओं के साथ आए शिक्षक संतोष खरे ने जिलाधिकारी को विद्यालय की प्रगति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि विद्यालय में एक ड्रोन लैब का निर्माण किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्र की छात्राएं अत्याधुनिक तकनीक से परिचित हो सकेंगी। डीएम ने छात्राओं के सवालों के जवाब देने के साथ ही उन्हें मिठाई खिलाई और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। उन्होंने सभी बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और देश का नाम रोशन करने की सीख दी। इस मुलाकात से छात्राओं में अपने सपनों को पूरा करने का नया जोश भर गया है।


