म्यांमार से छुड़ाकर लाए गए साइबर स्लेव की आपबीती:विदेश में डेटा एंट्री ऑपरेटर जैसे आसान जॉब और मोटी सैलरी का ऑफर, लेकिन वहां बुलाकर जबरन कराई जाती साइबर ठगी

इन दिनों युवाओं को सोशल मीडिया पर विदेश में नौकरी का लुभावना ऑफर देकर साइबर स्लेव बनाने की साजिश रची जा रही है। म्यांमार, कंबोडिया और लाओस जैसे देशों में सक्रिय स्कैम कंपनियां बेरोजगार युवाओं को फंसाकर इनसे साइबर फ्रॉड करवा रही हैं। सीबीआई के बाद अब मप्र में पहली बार राज्य साइबर पुलिस ने साइबर स्लेव्स रिक्रूटमेंट नेटवर्क की जांच शुरू की है। एसपी राज्य साइबर प्रणय नागवंशी के अनुसार हाल में मप्र के युवक को म्यांमार से मुक्त कराने के बाद उसकी शिकायत पर यह केस दर्ज किया गया। यह राज्य में इमिग्रेशन एक्ट (अवैध रिक्रूटमेंट एजेंट) के तहत दर्ज पहला मामला है। एजेंसियों ने पिछले 2 साल में 1500 से ज्यादा युवकों को रेस्क्यू कराया है। इनमें मप्र के 12 युवक शामिल हैं। म्यांमार पहुंचते ही पासपोर्ट जब्त, बंधक बनाकर गलत काम करवाया
कु छ महीने पहले सोशल मीडिया पर विदेश में नौकरी का ऑफर दिखा। रुचि दिखाने पर फेसबुक और टेलीग्राम के जरिए मुझसे संपर्क कर बताया गया कि थाईलैंड में डेटा एंट्री और एचआर जैसी आसान नौकरी है, जिसमें 30 से 40 हजार थाई बाथ सैलरी मिलेगी। काम आसान है और रहने-खाने का खर्च कंपनी उठाएगी। इसके बाद ऑनलाइन इंटरव्यू हुआ। इंटरव्यू में बहुत साधारण सवाल पूछे गए। क्या तुम्हें अंग्रेजी आती है और क्या अंग्रेजी टाइपिंग कर सकते हो? मैंने हां कहा तो मुझ पर जल्द से जल्द पासपोर्ट बनवाने का दबाव डाला गया। पासपोर्ट बनते ही मुझे नजदीकी एयरपोर्ट बुलाया गया और वहां से दिल्ली होते हुए मुझे म्यांमार भेज दिया गया। म्यांमार पहुंचते ही मेरा पासपोर्ट जब्त कर लिया। वहां मुझे एक कंपाउंड जैसे परिसर में रखा गया। कहीं आने-जाने की आजादी नहीं थी। पहले 15 दिन मुझे साइबर ठगी की ट्रेनिंग दी गई। सिखाया गया कि फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर लोगों से दोस्ती कैसे करनी है और उन्हें निवेश या क्रिप्टो स्कीम में कैसे फंसाना है। मेरा काम सोशल मीडिया पर लोगों को तलाशना और उन्हें निवेश के नाम पर जाल में फंसाना था। रोज टारगेट दिया जाता था। टारगेट पूरा नहीं करने पर मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जाती थी। वहां भारत ही नहीं, नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान, नाइजीरिया, इथोपिया और फिलीपींस के युवकों से भी इसी तरह बंधक बनाकर काम करवाए जा रहे थे। ( जैसा म्यांमार से रेस्क्यू मप्र के युवक ने जैसा राज्य साइबर पुलिस को बताया।) 30 देशों में कराया जा रहा फ्रॉड
म्यांमार, लाओस और कंबोडिया के सीमावर्ती इलाकों में बने हैं साइबर स्कैम कंपाउंड।
यहीं से 30 से ज्यादा देशों में साइबर स्लेव्स से साइबर ठगी करवाई जा रही है।
सीबीआई ने कई देशों की एजेंसियों के साथ मिलकर ऑपरेशन साइ-स्ट्राइक शुरू किया है। ऐसे जॉब ऑफर से कैसे बचें
बिना पीओई रजिस्ट्रेशन के विदेश भेजने वाला एजेंट गैरकानूनी है।
इंटरव्यू बहुत आसान लगे और सैलरी ज्यादा तो सावधान हो जाएं। पासपोर्ट जल्द बनवाने का दबाव मतलब खतरा है।
शक की स्थिति में 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।

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