बिहार के खिलाड़ियों को जल्द स्पोर्ट्स साइंस सेंटर की सौगात मिलेगी। इसका निर्माण नेशनल स्पोर्ट्स साइंस सेंटर की तर्ज पर किया जाएगा। यह राज्य का पहला स्पोर्ट्स साइंस सेंटर होगा, जिसे करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स और राजगीर खेल अकादमी में इसकी स्थापना की जाएगी। अगले साल तक इसे खिलाड़ियों को सौंप दिया जाएगा। स्पोर्ट्स साइंस सेंटर का निर्माण खिलाड़ियों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा है। खिलाड़ियों को मिलेगा स्पोर्ट्स मसाज, चोट लगने पर रिहैबिलिटेशन पर काम इसमें खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण, खेल के लिए पोषण और स्पोर्ट्स मसाज की सुविधा होगी। यहां शोध और विशेषज्ञों की मदद से खिलाड़ियों के शारीरिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने, चोटों को रोकने और चोट लगने पर उनके जल्द रिहैबिलिटेशन पर काम किया जाता है। साथ ही खिलाड़ियों की ताकत, सहनशक्ति और गति का विश्लेषण कर उसे बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक ट्रेनिंग दी जाएगी। यहां फिजियोलॉजी, बायोमैकेनिक्स, पोषण और मनोविज्ञान के विशेषज्ञ खिलाड़ियों की क्षमता बढ़ाने के लिए काम करेंगे। बिहार में खुलेगी महिला फुटबॉल एकेडमी वहीं, दूसरी ओर बिहार में महिला फुटबॉल एकेडमी भी खुलेगी। राजगीर खेल परिसर में सिर्फ महिला खिलाड़ियों के लिए यह अकादमी विकसित की जाएगी। यहां इंडियन टीम को ट्रेनिंग दिया जाएगा। इसके साथ एक वर्ष में 12 अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेले जाएंगे। इसके लिए अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के अध्यक्ष ने बिहार में फुटबॉल के बुनियादी ढांचे और प्रतिभा को तराशने के लिए एक ‘रणनीतिक साझेदारी’ का प्रस्ताव पेश किया है। इसपर विचार कर फैसला लिया जाएगा। बिहार के खिलाड़ियों को जल्द स्पोर्ट्स साइंस सेंटर की सौगात मिलेगी। इसका निर्माण नेशनल स्पोर्ट्स साइंस सेंटर की तर्ज पर किया जाएगा। यह राज्य का पहला स्पोर्ट्स साइंस सेंटर होगा, जिसे करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स और राजगीर खेल अकादमी में इसकी स्थापना की जाएगी। अगले साल तक इसे खिलाड़ियों को सौंप दिया जाएगा। स्पोर्ट्स साइंस सेंटर का निर्माण खिलाड़ियों को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा है। खिलाड़ियों को मिलेगा स्पोर्ट्स मसाज, चोट लगने पर रिहैबिलिटेशन पर काम इसमें खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण, खेल के लिए पोषण और स्पोर्ट्स मसाज की सुविधा होगी। यहां शोध और विशेषज्ञों की मदद से खिलाड़ियों के शारीरिक प्रदर्शन को बेहतर बनाने, चोटों को रोकने और चोट लगने पर उनके जल्द रिहैबिलिटेशन पर काम किया जाता है। साथ ही खिलाड़ियों की ताकत, सहनशक्ति और गति का विश्लेषण कर उसे बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक ट्रेनिंग दी जाएगी। यहां फिजियोलॉजी, बायोमैकेनिक्स, पोषण और मनोविज्ञान के विशेषज्ञ खिलाड़ियों की क्षमता बढ़ाने के लिए काम करेंगे। बिहार में खुलेगी महिला फुटबॉल एकेडमी वहीं, दूसरी ओर बिहार में महिला फुटबॉल एकेडमी भी खुलेगी। राजगीर खेल परिसर में सिर्फ महिला खिलाड़ियों के लिए यह अकादमी विकसित की जाएगी। यहां इंडियन टीम को ट्रेनिंग दिया जाएगा। इसके साथ एक वर्ष में 12 अंतरराष्ट्रीय मैच भी खेले जाएंगे। इसके लिए अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के अध्यक्ष ने बिहार में फुटबॉल के बुनियादी ढांचे और प्रतिभा को तराशने के लिए एक ‘रणनीतिक साझेदारी’ का प्रस्ताव पेश किया है। इसपर विचार कर फैसला लिया जाएगा।


