देवास जिला अस्पताल में सोमवार को एक डॉक्टर से मारपीट का मामला सामने आया। सोनोग्राफी विभाग में हुई इस घटना के विरोध में अस्पताल के डॉक्टरों और कर्मचारियों ने कुछ समय के लिए काम बंद कर दिया। हालांकि, आपातकालीन सेवाएं बाद में बहाल कर दी गईं, लेकिन अन्य सेवाओं के प्रभावित होने से कुछ देर के लिए मरीजों को परेशानी हुई। जानकारी के अनुसार, आनंद नगर निवासी अमजद शेख अपनी पत्नी की सोनोग्राफी कराने अस्पताल आए थे। स्टाफ नर्स प्रियंका जोगलेकर ने उन्हें बताया कि डिलीवरी की तारीख अभी दूर है और 28 अप्रैल 2026 को सोनोग्राफी कराने की सलाह दी। इस पर अमजद शेख भड़क गए और नर्स के साथ अभद्रता व गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने नर्स के साथ झूमाझटकी की और विभाग में रखे कंप्यूटर व दस्तावेजों को भी नुकसान पहुंचाया। शोर सुनकर रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अजहर उद्दीन शेख ने बीच-बचाव का प्रयास किया। आरोपी ने उनके साथ भी मारपीट की, जिससे डॉक्टर की हाथ की उंगली, पैर, कमर और चेहरे पर चोटें आईं। अन्य कर्मचारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। आरोपी जाते समय जान से मारने की धमकी देता रहा। हालांकि मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे शांत करवाया। घटना के विरोध में अस्पताल स्टाफ ने मुख्य गेट पर नारेबाजी करते हुए काम बंद कर दिया। उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष राजेश दुबे ने कहा कि जब तक आरोपी पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, तब तक काम बंद रहेगा। सिविल सर्जन डॉ. आरपी परमार ने घटना की निंदा करते हुए अस्पताल में व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की बात कही। कोतवाली थाना प्रभारी श्याम चंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।


