पाकिस्तान ने जिस गाने पर लगाया था बैन, उसी ने 55 साल पहले ग्लोबल लेवल पर मचाया था तहलका

पाकिस्तान ने जिस गाने पर लगाया था बैन, उसी ने 55 साल पहले ग्लोबल लेवल पर मचाया था तहलका

Sanjay Dutt Entry Song Hawa Hawa: फिल्म ‘धुरंधर‘ इन दिनों बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाए हुए है। फिल्म की कहानी और एक्टर्स के साथ-साथ इसके सॉग्स ने भी फैंस को दीवाना बना दिया है। खासकर तब जब संजय दत्त की एंट्री पर बजने वाला गाना “हवा हवा…” थिएटर में दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर रहा है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस गाने पर आज सीटियां बज रही हैं, उसका एक पुराना इतिहास 35 साल से भी ज्यादा पुराना है और एक दौर ऐसा भी था जब इस पर बैन लगा हुआ था? तो चलिए जानते है इसके पीछे की पुरी कहानी…

उसी ने 55 साल पहले ग्लोबल लेवल पर मचाया था तहलका

फिल्म ‘धुरंधर’ में यूज किया गाना “हवा हवा” को एक पाकिस्तानी पॉप सॉन्ग माना जाता है, लेकिन इसकी जड़ें असल में ईरान (Persia) से जुड़ी हैं। ये गाना मूल रूप से एक पर्शियन गीत ‘हवार हवार’ पर बेस्ड है, जिसे साल 1970 में फेमस ईरानी सिंगर कोरोश यागमई ने गाया था। कोरोश ने पुरानी लोक धुनों को मॉडर्न रॉक म्यूजिक के साथ मिलाकर इसे तैयार किया था, जो उस समय ईरान में ब्लॉकबस्टर साबित हुआ था।

बता दें, इस गाने की लोकप्रियता तब मुसीबत में पड़ गई जब 1979 में ईरान में ‘इस्लामिक रिवोल्यूशन’ हुई। इसके बाद वहां की सरकार ने रॉक और मॉडर्न म्यूजिक पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी, जिसके वजह से कोरोश यागमई के गानों सहित ‘हवार हवार’ को रेडियो और कैसेट पर बजाना अपराध माना जाने लगा। इस तरह एक सुपरहिट धुन अपने ही देश में खामोश हो गई।

‘हवा हवा’ के रूप में दोबारा तैयार किया

बता दें, ईरान में बैन होने के बाद 1980 के दशक में पाकिस्तानी स्टार हसन जहांगीर की नजर इस धुन पर पड़ी। उन्हें ये मेलोडी इतनी पसंद आई कि उन्होंने इसे उर्दू/हिंदी शब्दों के साथ ‘हवा हवा’ के रूप में दोबारा तैयार किया और देखते-ही-देखते ये गाना पूरे दक्षिण एशिया (भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश) में आग की तरह फैल गया। खबरों की मानें तो, इस गाने की अरबों कॉपियां बिकीं और ये उस दौर का सबसे बड़ा चार्टबस्टर सॉग बन गया।

अब बॉलीवुड में भी इस गाने को कई बार अलग-अलग फिल्मों में रीक्रिएट और सुना गया है, लेकिन फिल्म ‘धुरंधर’ में जिस तरह से इसे संजय दत्त की एंट्री के लिए यूज किया गया, उसने एक बार फिर पुरानी यादें ताजा कर दी हैं। बता दें, 1970 के ईरान से शुरू हुआ ये सफर आज 2026 में भी भारतीय दर्शकों के बीच उतना ही लोकप्रिय है।

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