एक साल पहले लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइट खराब, घंटे भर भी नहीं जलती

एक साल पहले लगाई गई सोलर स्ट्रीट लाइट खराब, घंटे भर भी नहीं जलती

भास्कर न्यूज|लोहरदगा जिला परिषद ने स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर लाखों रुपए पानी की तरह बहाया। इसके बाद भी कुडू प्रखंड क्षेत्र में अंधेरा पसरा रहता है। दरअसल एक वर्ष पूर्व जिला परिषद कार्यालय प्रशासन द्वारा कुडू प्रखंड में करीब 10 लाख रुपए की लागत से मुख्य चौक-चौराहों पर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 35 सोलर लाइट लगाई थीं। 35 स्थानों पर बिजली के पोल में लगे सोलर स्ट्रीट लाइट बिना जले बेकार साबित हो रही है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला परिषद कार्यालय, डीसी, डीडीसी सहित जिला के अन्य अधिकारियों को सोशल मीडिया के माध्यम से ध्यान आकर्षित कराया और सोलर लाइट खरीद में गोलमाल का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने कहा की 35 स्थानों पर लगा सोलर स्ट्रीट लाइट में लगभव लाइट बिना जले बेकार साबित हो रही है। प्रखंड की गलियों में पसरे रहने वाले अंधेरे को दूर करने के लिए जिला परिषद सोलर स्ट्रीट लाइट लगवाने के पीछे जिला परिषद का मकसद था कि इससे सौर उर्जा को बढ़ावा देकर बिजली की बचत की जाए और गलियों, सड़कों में पसरे रहने वाले अंधेरे को दूर किया जा सके। जिला परिषद ने इसके लिए एक प्रस्ताव पास कर एससीए मद लगभग 80 लाख रुपए की लागत से कुडू प्रखंड में 35, सेन्हा प्रखंड में 35, भंडरा प्रखंड में 35, किस्को प्रखंड में 30, कैरो प्रखंड में 25, पेशरार प्रखंड में 20 और नवोदय विद्यालय में 72 सोलर लाइटें लगावाने की मंजूरी दी थी और निविदा निकाली थी। निविदा के आधार पर लोहरदगा के हिंदुस्तान कॉरपोरेशन को यह कार्य मिला। मंजूरी के बाद लगभग एक वर्ष पूर्व कुडू शहरी क्षेत्र में 35 स्थानों पर सोलर स्ट्रीट लाइटें लगवाई गईं। शुरुआत में दो चार जगहों पर सुचारु ढंग से लाइट जलती भी दिखाई दी। पर अब यह सोलर लाइटें अमूमन बंद पड़ी हैं। ग्रामीणों में संजय, विकास अहमद, फारूक, शाहिद, विनय, निशांत, फजल, सफीक, जसीम, कासिम, मंगल, सोमा, गीता, सुशीला सहित दर्जनों लोगों ने कहा सोलर लाइट खरीद में भारी गोलमाल हुआ है। कुडू शहरी क्षेत्र में कुल 35 बिजली के पोल पर सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। एक की कीमत लगभग 28 हजार रुपए है। बावजूद इसके सोलर स्ट्रीट लाइट रौशनी नहीं देता है। ग्रामीणों ने कहा शाम ढलने पर रौशनी तो नहीं देता है लेकिन कूडू वासियों को गुस्सा जरूर दिलाती है। ग्रामीणों ने यह भी कहा यदि सोलर लाइट खरीद की जांच गहनता से की जाए तो अपने आप सच्चाई उजागर हो जाएगी। वहीं प्रखंड मुख्यालय चौक और बस पड़ाव में लाखों रुपए की लागत से निर्मित हाई मास्ट सोलर स्ट्रीट लाइट भी खराब पड़ी है। भास्कर न्यूज|लोहरदगा जिला परिषद ने स्ट्रीट लाइट व्यवस्था पर लाखों रुपए पानी की तरह बहाया। इसके बाद भी कुडू प्रखंड क्षेत्र में अंधेरा पसरा रहता है। दरअसल एक वर्ष पूर्व जिला परिषद कार्यालय प्रशासन द्वारा कुडू प्रखंड में करीब 10 लाख रुपए की लागत से मुख्य चौक-चौराहों पर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 35 सोलर लाइट लगाई थीं। 35 स्थानों पर बिजली के पोल में लगे सोलर स्ट्रीट लाइट बिना जले बेकार साबित हो रही है। मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला परिषद कार्यालय, डीसी, डीडीसी सहित जिला के अन्य अधिकारियों को सोशल मीडिया के माध्यम से ध्यान आकर्षित कराया और सोलर लाइट खरीद में गोलमाल का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने कहा की 35 स्थानों पर लगा सोलर स्ट्रीट लाइट में लगभव लाइट बिना जले बेकार साबित हो रही है। प्रखंड की गलियों में पसरे रहने वाले अंधेरे को दूर करने के लिए जिला परिषद सोलर स्ट्रीट लाइट लगवाने के पीछे जिला परिषद का मकसद था कि इससे सौर उर्जा को बढ़ावा देकर बिजली की बचत की जाए और गलियों, सड़कों में पसरे रहने वाले अंधेरे को दूर किया जा सके। जिला परिषद ने इसके लिए एक प्रस्ताव पास कर एससीए मद लगभग 80 लाख रुपए की लागत से कुडू प्रखंड में 35, सेन्हा प्रखंड में 35, भंडरा प्रखंड में 35, किस्को प्रखंड में 30, कैरो प्रखंड में 25, पेशरार प्रखंड में 20 और नवोदय विद्यालय में 72 सोलर लाइटें लगावाने की मंजूरी दी थी और निविदा निकाली थी। निविदा के आधार पर लोहरदगा के हिंदुस्तान कॉरपोरेशन को यह कार्य मिला। मंजूरी के बाद लगभग एक वर्ष पूर्व कुडू शहरी क्षेत्र में 35 स्थानों पर सोलर स्ट्रीट लाइटें लगवाई गईं। शुरुआत में दो चार जगहों पर सुचारु ढंग से लाइट जलती भी दिखाई दी। पर अब यह सोलर लाइटें अमूमन बंद पड़ी हैं। ग्रामीणों में संजय, विकास अहमद, फारूक, शाहिद, विनय, निशांत, फजल, सफीक, जसीम, कासिम, मंगल, सोमा, गीता, सुशीला सहित दर्जनों लोगों ने कहा सोलर लाइट खरीद में भारी गोलमाल हुआ है। कुडू शहरी क्षेत्र में कुल 35 बिजली के पोल पर सोलर स्ट्रीट लाइटें लगाई गई हैं। एक की कीमत लगभग 28 हजार रुपए है। बावजूद इसके सोलर स्ट्रीट लाइट रौशनी नहीं देता है। ग्रामीणों ने कहा शाम ढलने पर रौशनी तो नहीं देता है लेकिन कूडू वासियों को गुस्सा जरूर दिलाती है। ग्रामीणों ने यह भी कहा यदि सोलर लाइट खरीद की जांच गहनता से की जाए तो अपने आप सच्चाई उजागर हो जाएगी। वहीं प्रखंड मुख्यालय चौक और बस पड़ाव में लाखों रुपए की लागत से निर्मित हाई मास्ट सोलर स्ट्रीट लाइट भी खराब पड़ी है।  

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