भिण्ड. मौत के हाईवे के रूप में चर्चित हो चुके ग्वालियर-भिण्ड नेशनल हाईवे को 6 लेन बनाने की मांग को लेकर संत समाज का टोलफ्री आंदोलन तय है। इस संबंध में अखिल भारतीय संत समिति की जिला इकाई भिण्ड ने मुरार एसडीएम को मंगलवार को विधिवत ज्ञापन देकर सूचित कर दिया है।
संत समिति ने मंगलवार बरैठा टोल प्लाजा पर आंदोलन स्थल का मौका मुआयना किया और तय किया गया कि आंदोलन शुरू होने से पहले 13 मार्च को धरना स्थल पर ध्वजारोहण किया जाएगा। संत समिति के अध्यक्ष संत कालीदास के साथ संत और समाजसेवियों ने तय किया है कि 16 मार्च से रोड या टोलफ्री, आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस आंदोलन को धर्मगुरु बौद्ध शीलानंद ने भी समर्थन का ऐलान किया है। वहीं पूर्व सैनिक संघ इसी संबंध में 11 मार्च को मेहगांव में प्रदर्शन आंदोलन कर रहा है। टोल फ्री आंदोलन को लेकर संत कालीदास , चिलौंगा आश्रम के महंत महामंडलेश्वर श्रीहरिनिवास अवधूत एवं पूर्व सैकिनों की मुरार सीएसपी नागेंद्र ङ्क्षसह सिकरवार के साथ मीङ्क्षटग भी हुई। जिसमें आंदोलन के संबंध में एक पत्र सौंपकर स्पष्ट कर दिया कि तीन साल से मिलने-जुलने का सिलसिला खूब चला। मुख्यमंत्री, केंद्रीय परिहवन मंत्री और अंचल के केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य ङ्क्षसधिया से खूब बातचीत हुई, लेकिन कोरे आश्वासन मिले।
आज बनाएंगे मानव शृंखला
आंदोलन के मीडिया प्रभारी प्रमोद राजावत ने एडीएम सीबी प्रसाद को आंदोलन की अनुमति के लिए संत समाज का पत्र सौंपा। वहीं मेहगांव में पूर्व सैनिक संघ 16 मार्च के आंदोलन को सफल बनाने के लिए 11 मार्च को मानव शृंखला बनाकर समर्थन करेगा और धरना भी देगा। संत रामेश्वर दास, संत रामभजन दास , सूबेदार मेजर राम अवतार ङ्क्षसह, सूबेदार जितेंद्र ङ्क्षसह तोमर, हवलदार अनूप ङ्क्षसह भदौरिया भोनपुरा, संग्राम ङ्क्षसह इस दौरान मौजूद रहे।
संतों ने धरना स्थल का किया मौका मुआयना
संत समाज ने मुरार एसडीएम के समक्ष स्पष्ट कर दिया कि हमारे बच्चों की सडक़ दुर्घटनाओं में मौतें हो रही हैं और हम इस रोड का टैक्स देते रहें, ऐसा हरगिज नहीं होने दिया जाएगा। संत समिति ने ग्वालियर में पूर्व सैनिक कल्याण संघ के जिलाध्यक्ष रामअवतार ङ्क्षसह के साथ आंदोलन स्थल का मौका मुआयना भी किया। यहां बताया गया कि 13 मार्च को मालनपुर हनुमान मंदिर से टोल प्लाजा पर जाकर ध्वजारोहण किया जाएगा, उसी के साथ संत समाज के खालसा लगना शुरू हो जाएंगे। संत कालीदास ने कहा कि इस आंदोलन में जाति और धर्म का भेद किए बना हाईवे को 6-लेन बनाने के लिए लोग समर्थन कर रहे हैं।


