लखनऊ में KGMU के डॉक्टरों ने एक जटिल ऑपेरशन कर 3 साल की बच्ची को नया जीवन दिया है। खेलने के दौरान बच्ची के सिर में रिवाल्वर की बुलेट धंस गई थी। गंभीर हालत में परिजन उसे KGMU लेकर पहुंचे थे। सिटी स्कैन में पता चला कि बुलेट बच्ची के सिर में घूम रही है। यह देखकर डॉक्टर हैरान हो गए। बच्ची की कंडीशन बिगड़ती जा रही थी। काफी खून बहने के साथ ही वह बेहोशी की हालत में थी। डॉक्टरों ने बच्ची के सिर में एक साथ 9 नीडल डालकर बुलेट लोकेट किया। उसके बाद साढ़े चार घंटे तक जटिल ऑपेरशन कर बुलेट निकाली। सर्जरी के करीब 40 दिन बाद अब बच्ची की कंडीशन में बहुत हद तक सुधार है। अगले 2 दिन में उसे अस्पताल से छुट्टी दी जाएगी। पढ़िए पूरा मामला… दैनिक भास्कर से बातचीत में KGMU के न्यूरो सर्जरी विभाग के डॉ. अंकुर बजाज ने बताया कि बच्ची को बेहद गंभीर हालत के 17 दिसंबर की शाम को ट्रॉमा सेंटर लाया गया था। जांच में उसके सिर में बुलेट धंसने की पुष्टि हुई। आगे की जांच में ये सामने आया कि उसके सिर के अंदर की बुलेट मूविंग यानी ‘चलायमान’ पोजीशन में है। कुछ देर बाद ही बुलेट की लोकेशन बदल जा रही है। ऐसे में उसकी सर्जरी करना बेहद कठिन टास्क था। इसके लिए एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम बनाई गई। टीम में न्यूरो सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. बीके ओझा के अलावा कुल 5 डॉक्टर रहे। बाल रोग विशेषज्ञ और एनेस्थीसिया के टॉप एक्सपर्ट डॉक्टरों को भी इसमें शामिल किया गया। साढ़े चार घंटे की जटिल सर्जरी के बाद उसका ऑपेरशन सफल रहा। महज 40 हजार में हुआ इलाज डॉ. अंकुर बजाज ने बताया कि बच्ची के माता-पिता कमजोर आर्थिक बैकग्राउंड के थे। उनके इलाज के लिए NGO से भी मदद ली गई। जटिल सर्जरी के बाद लगभग एक सप्ताह के लिए उसे ICU में रखा गया। अभी भी बच्ची हॉस्पिटल में है। राहत की बात ये है कि इलाज में पूरा खर्च महज 40 हजार से कम लगा।


