आरा में रविवार को स्वास्थ्य जागरूकता का एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब आरा के नागरी प्रचारिणी सभागार में आयोजित मैक्सवेल हर्बल के भव्य सेमिनार में सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। “स्वस्थ भारत – समृद्ध भारत” और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल जनसैलाब जुटाया, बल्कि आयुर्वेद और प्राकृतिक जीवनशैली के प्रति लोगों की सोच को नई दिशा देने का काम किया। कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय मंत्री संजय सिंह टाइगर ने किया, जिन्होंने अपने संबोधन में आयुर्वेद को देश के भविष्य का आधार बताते हुए इसे हर व्यक्ति तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। शाहपुर विधायक राकेश ओझा और प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु डॉ. श्रीपति त्रिपाठी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की। मंच से वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि भारत को फिर से विश्व गुरु बनाना है, तो आयुर्वेद को अपनाना अनिवार्य है। कार्यक्रम के केंद्र में रहे मैक्सवेल हर्बल के निदेशक रवि शंकर ओझा ने अपने जोशपूर्ण संबोधन से उपस्थित लोगों में नई ऊर्जा भर दी। उन्होंने कहा कि “आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि भारत की असली ताकत है, जो हर बड़ी बीमारी का समाधान देने में सक्षम है। समाज को स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाना उद्देश्य सेमिनार के दौरान “हर घर में आयुर्वेद, हर व्यक्ति स्वस्थ” का संकल्प बार-बार गूंजता रहा, जिसने इसे एक जन-आंदोलन का स्वरूप दे दिया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल व्यापार नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम में सैकड़ों कार्यकर्ताओं को “मैक्सवेल गौरव सम्मान”से सम्मानित किया गया, जिससे उनका उत्साह और बढ़ा। कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल एक सफल सेमिनार साबित हुआ, बल्कि आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य क्रांति की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में सामने आया, जिसने क्षेत्र में नई जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का संदेश दिया। आरा में रविवार को स्वास्थ्य जागरूकता का एक ऐतिहासिक दृश्य देखने को मिला, जब आरा के नागरी प्रचारिणी सभागार में आयोजित मैक्सवेल हर्बल के भव्य सेमिनार में सैकड़ों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। “स्वस्थ भारत – समृद्ध भारत” और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल जनसैलाब जुटाया, बल्कि आयुर्वेद और प्राकृतिक जीवनशैली के प्रति लोगों की सोच को नई दिशा देने का काम किया। कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय मंत्री संजय सिंह टाइगर ने किया, जिन्होंने अपने संबोधन में आयुर्वेद को देश के भविष्य का आधार बताते हुए इसे हर व्यक्ति तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। शाहपुर विधायक राकेश ओझा और प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु डॉ. श्रीपति त्रिपाठी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की। मंच से वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि भारत को फिर से विश्व गुरु बनाना है, तो आयुर्वेद को अपनाना अनिवार्य है। कार्यक्रम के केंद्र में रहे मैक्सवेल हर्बल के निदेशक रवि शंकर ओझा ने अपने जोशपूर्ण संबोधन से उपस्थित लोगों में नई ऊर्जा भर दी। उन्होंने कहा कि “आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि भारत की असली ताकत है, जो हर बड़ी बीमारी का समाधान देने में सक्षम है। समाज को स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाना उद्देश्य सेमिनार के दौरान “हर घर में आयुर्वेद, हर व्यक्ति स्वस्थ” का संकल्प बार-बार गूंजता रहा, जिसने इसे एक जन-आंदोलन का स्वरूप दे दिया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल व्यापार नहीं, बल्कि समाज को स्वस्थ और आत्मनिर्भर बनाना है। कार्यक्रम में सैकड़ों कार्यकर्ताओं को “मैक्सवेल गौरव सम्मान”से सम्मानित किया गया, जिससे उनका उत्साह और बढ़ा। कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल एक सफल सेमिनार साबित हुआ, बल्कि आयुर्वेद आधारित स्वास्थ्य क्रांति की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में सामने आया, जिसने क्षेत्र में नई जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का संदेश दिया।


