हाईकोर्ट की युगल पीठ ने शिवपुरी के एक एनडीपीएस मामले में पुलिस जांच की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए शिवपुरी पुलिस अधीक्षक को थाना प्रभारी व जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के इस आदेश के बाद शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने जिले के एक निरीक्षक व दो उप निरीक्षकों को लाइन अटैच करने की कार्रवाई की है। कोर्ट ने एनडीपीएस जांच को लेकर तल्ख टिप्पणी की है। पुलिस की जांच सच्चाई से ज्यादा सच को छिपाने वाली है। कोर्ट ने कहा कि पुलिस केवल ड्राइवर/कैरियर को पकड़कर रुक जाती है, जबकि असली सरगना की जांच ही नहीं की जाती। इंदौर से चंडीगढ़ तक 1209 किलो पोस्त भूसी जा रही थी, लेकिन भेजने और प्राप्त करने वालों की जांच नहीं हुई। थाने से 62 सैंपल बैग गायब हो गए। जांच अधिकारी सच्चाई तक पहुंचना ही नहीं चाहता था।
कोर्ट ने पाया कि ट्रक इंदौर से चला और चंडीगढ़ पहुंचना था, लेकिन माल भेजने और प्राप्त करने वाले ‘एपेक्स पर्पेट्रेटर्स’ (अपराध की जड़ में बैठे मुख्य सरगना) की कोई जांच नहीं की गई। न ट्रक मालिक की भूमिका की पड़ताल हुई, न मुख्य तस्करों तक पहुंचने का प्रयास। सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि जब्त मादक पदार्थ ट्रायल कोर्ट में प्रस्तुत ही नहीं किया गया। पुलिस ने बताया कि 17 जनवरी 2025 को सामग्री का निस्तारण कर दिया गया, जबकि 62 सैंपल बैग थाने से गायब पाए गए। कोर्ट ने इसे लापरवाही और संदिग्ध जांच का संकेत माना। हाईकोर्ट ने शिवपुरी के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि उस समय पदस्थ रहे थाना प्रभारी व जांच अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जाए और जांच पूर्ण होने तक उन्हें थाने का प्रभार न दिया जाए। तीन माह में शपथपत्र सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है।
एपेक्स पर्पेट्रेटर्स की जांच के लिए सर्कुलर जारी करने के लिए कहा
अदालत ने प्रमुख सचिव (गृह), डीजीपी भोपाल और एडीजी (नारकोटिक्स) इंदौर को निर्देश दिया कि सभी जिलों में एनडीपीएस मामलों में ‘एपेक्स पर्पेट्रेटर्स’ की जांच सुनिश्चित करने के लिए सख्त परिपत्र जारी किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है।
क्या है मामला
विशेष न्यायाधीश, एनडीपीएस एक्ट, शिवपुरी ने 26 सितंबर 2025 को आरोपी जगशीर को धारा 8 सहपठित 15(सी) एनडीपीएस एक्ट के तहत दोषी ठहराते हुए 15 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। ट्रक से 62 बोरियों में करीब 1209 किलोग्राम पोस्त भूसी बरामद की गई थी। आरोपी की ओर से सजा स्थगन की अर्जी लगाई गई, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।
इनके खिलाफ हुई कार्रवाई
एसपी अमन सिंह राठौड़ ने मंगलवार देर रात ही देहात थाना प्रभारी जितेन्द्र मावई, उनि राघवेन्द्र यादव थाना प्रभारी गोवर्धन, उनि हरिशंकर शर्मा जेएसआई कोतवाली को लाइन अटैच कर दिया है, जबकि दो पुलिसकर्मी उनि अंकित उपाध्याय जो कि जिला बालाघाट व निरीक्षक मनीष शर्मा राजगढ़ में पदस्थ हैं और इन्हें भी लाइन अटैच कर दिया गया है। दो उनि एसएस जादौन व चंद्रभान सिंह भदौरिया सेवानिवृत हो चुके हैं। अब इन सभी कर्मचारियों की विभागीय जांच चलेगी।


