रबी सीजन की तैयारी कर रहे किसान कड़ाके की ठंड के बावजूद खाद के लिए घंटों कतारों में खड़े रहे। सोमवार सुबह लगभग पांच बजे से ही खाद वितरण केंद्रों पर किसानों की लंबी लाइनें लग गईं। इन कतारों में पुरुषों के साथ महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल थे, जो सर्द हवाओं के बीच अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। खाद वितरण में देरी के कारण किसानों में बेचैनी और असमंजस की स्थिति बनी हुई है। किसानों के अनुसार, समय पर खाद न मिलने से बोवनी और फसल प्रबंधन प्रभावित हो रहा है। ठंड के मौसम में सुबह-सुबह लंबी कतारों में खड़ा होना बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण है, फिर भी वे मजबूरीवश केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। इस संबंध में जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) सत्येंद्र सिंह ने जानकारी दी कि 9, 15 और 22 दिसंबर की तारीख वाले किसानों को खाद का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आज लगभग 2000 किसानों को खाद उपलब्ध करा दी जाएगी। प्रशासन टोकन प्रणाली के माध्यम से वितरण को व्यवस्थित रखने का प्रयास कर रहा है, ताकि भीड़ और अव्यवस्था को रोका जा सके।डीएमओ सत्येंद्र सिंह ने आगे बताया कि 29 दिसंबर को 1700 टोकन वितरित किए गए थे और इन टोकन धारक किसानों को 9 जनवरी तक खाद उपलब्ध करा दी जाएगी। प्रशासन का दावा है कि खाद की पर्याप्त उपलब्धता है और सभी पात्र किसानों को चरणबद्ध तरीके से खाद दी जाएगी। वितरण प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए केंद्रों पर कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई गई है। हालांकि, किसानों ने ठंड के मौसम को देखते हुए वितरण व्यवस्था में सुधार की मांग की है। उनकी मांग है कि गांव स्तर पर वितरण केंद्र बढ़ाए जाएं और खाद वितरण की समय सारिणी पहले से स्पष्ट की जाए, ताकि महिलाओं और बच्चों को ठंड में घंटों कतारों में खड़ा न होना पड़े। प्रशासनिक आश्वासनों के बावजूद, किसान फिलहाल खाद मिलने की उम्मीद में सर्दी का सामना करते हुए कतारों में डटे हुए हैं।


