अररिया में दहेज के लिए पत्नी की हत्या के मामले में पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जिला अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रवि कुमार की अदालत ने आरोपी बीरेंद्र कुमार उर्फ बुधना को दोषी करार देते हुए 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उसे 10 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। यह घटना पलासी थाना क्षेत्र के बलुआ कलियागंज गांव की है। मृतका सोनी देवी की शादी बीरेंद्र कुमार से हुई थी। शादी के महज तीन साल बाद ही पति और उसके परिवार ने दहेज की मांग को लेकर सोनी को लगातार प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। सोनी के भाई दिवाकर कुमार साह (मदनपुर निवासी) के अनुसार, परिवार की आर्थिक तंगी के कारण दहेज की मांग पूरी नहीं हो पाई थी, जिसके चलते सोनी को तीन साल तक शारीरिक और मानसिक यातनाएं झेलनी पड़ीं। आरोपी ने शव को स्थानीय चौधरी पोखर में फेंक दिया था मामला 2 जनवरी 2020 का है। उस दिन बीरेंद्र कुमार घरेलू सामान खरीदने के बहाने सोनी को कलियागंज बाजार ले गया। वहीं उसने सोनी की हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के इरादे से आरोपी ने शव को स्थानीय चौधरी पोखर में फेंक दिया था। पुलिस जांच में हत्या की पूरी साजिश सामने आई शव मिलने के बाद मृतका के भाई दिवाकर साह ने पलासी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसमें बीरेंद्र कुमार को मुख्य आरोपी बनाया गया। पुलिस जांच में हत्या की पूरी साजिश सामने आई। अररिया न्याय मंडल की अदालत में सत्र वाद संख्या 439/2022 में लंबी सुनवाई चली। बुधवार को अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए बीरेंद्र कुमार को दोषी ठहराया और दहेज उत्पीड़न से जुड़ी इस क्रूर हत्या के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई। ”बहन की मौत का दर्द कभी कम नहीं होगा” इस फैसले पर मृतका के भाई दिवाकर साह ने न्याय मिलने पर संतोष व्यक्त किया, हालांकि उन्होंने कहा कि बहन की मौत का दर्द कभी कम नहीं होगा। सामाजिक संगठनों ने भी अदालत के इस निर्णय का स्वागत किया है और दहेज विरोधी जागरूकता बढ़ाने की मांग की है। यह मामला एक बार फिर दहेज प्रथा की क्रूरता और महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों को उजागर करता है। अररिया में दहेज के लिए पत्नी की हत्या के मामले में पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। जिला अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ रवि कुमार की अदालत ने आरोपी बीरेंद्र कुमार उर्फ बुधना को दोषी करार देते हुए 50 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उसे 10 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। यह घटना पलासी थाना क्षेत्र के बलुआ कलियागंज गांव की है। मृतका सोनी देवी की शादी बीरेंद्र कुमार से हुई थी। शादी के महज तीन साल बाद ही पति और उसके परिवार ने दहेज की मांग को लेकर सोनी को लगातार प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। सोनी के भाई दिवाकर कुमार साह (मदनपुर निवासी) के अनुसार, परिवार की आर्थिक तंगी के कारण दहेज की मांग पूरी नहीं हो पाई थी, जिसके चलते सोनी को तीन साल तक शारीरिक और मानसिक यातनाएं झेलनी पड़ीं। आरोपी ने शव को स्थानीय चौधरी पोखर में फेंक दिया था मामला 2 जनवरी 2020 का है। उस दिन बीरेंद्र कुमार घरेलू सामान खरीदने के बहाने सोनी को कलियागंज बाजार ले गया। वहीं उसने सोनी की हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के इरादे से आरोपी ने शव को स्थानीय चौधरी पोखर में फेंक दिया था। पुलिस जांच में हत्या की पूरी साजिश सामने आई शव मिलने के बाद मृतका के भाई दिवाकर साह ने पलासी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसमें बीरेंद्र कुमार को मुख्य आरोपी बनाया गया। पुलिस जांच में हत्या की पूरी साजिश सामने आई। अररिया न्याय मंडल की अदालत में सत्र वाद संख्या 439/2022 में लंबी सुनवाई चली। बुधवार को अदालत ने अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए बीरेंद्र कुमार को दोषी ठहराया और दहेज उत्पीड़न से जुड़ी इस क्रूर हत्या के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई। ”बहन की मौत का दर्द कभी कम नहीं होगा” इस फैसले पर मृतका के भाई दिवाकर साह ने न्याय मिलने पर संतोष व्यक्त किया, हालांकि उन्होंने कहा कि बहन की मौत का दर्द कभी कम नहीं होगा। सामाजिक संगठनों ने भी अदालत के इस निर्णय का स्वागत किया है और दहेज विरोधी जागरूकता बढ़ाने की मांग की है। यह मामला एक बार फिर दहेज प्रथा की क्रूरता और महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा के बढ़ते मामलों को उजागर करता है।


