जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का आज जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया जा रहा है। महोत्सव के तहत सोमवार को जयपुर के परकोटे में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा सुबह 6:30 बजे मनिहारों का रास्ता स्थित महावीर पार्क से शुरू हुई और शहर के प्रमुख बाजारों से गुजरते हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के साथ रामलीला मैदान पहुंची।
रामलीला मैदान में शोभायात्रा के पहुंचने के साथ ही धर्मसभा आयोजित की जा रही है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद हैं और भगवान महावीर के सिद्धांतों को लेकर संतों के प्रवचन हो रहे हैं।
24 स्वर्ण जड़ित रथ और झांकियां बनी आकर्षण का केंद्र
इस बार शोभायात्रा में पहली बार 24 तीर्थंकरों के स्वर्ण जड़ित 24 रथ शामिल किए गए, जो पूरे मार्ग में आकर्षण का केंद्र रहे। भगवान महावीर को चांदी की पालकी में विराजमान किया गया। शोभायात्रा की शुरुआत भगवान आदिनाथ के रथ से हुई, जबकि अंत में भगवान महावीर स्वर्ण जड़ित रथ में शामिल रहे। मार्ग में भगवान महावीर के जीवन पर आधारित ज्ञानवर्धक और संदेशात्मक झांकियां भी प्रस्तुत की गईं।
70 साल से रामलीला मैदान में हो रहा आयोजन
रामलीला मैदान पिछले करीब 70 साल से महावीर जयंती समारोह का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां अब तक 14 हजार से ज्यादा साधु-साध्वियां भगवान महावीर के संदेश को समाज तक पहुंचा चुके हैं। इस बार धर्मसभा में आचार्य वर्धमान सागर और आचार्य प्रज्ञा सागर के सान्निध्य में 41 साधु-साध्वी प्रवचन दे रहे हैं।
24 पांडुका शिलाओं पर अभिषेक, 2625 चंवर ढुलाने का आयोजन
धर्मसभा के दौरान 24 पांडुका शिलाओं पर भगवान आदिनाथ से लेकर भगवान महावीर तक 24 तीर्थंकरों का अभिषेक किया जा रहा है। इसके साथ ही एक साथ 2625 चंवर ढुलाकर विशेष आयोजन भी किया जा रहा है, जिसे इस साल के महोत्सव की खास पहचान माना जा रहा है।


