दरभंगा के सीनियर एसपी जगुन्नाथ रेड्डी जलारेड्डी ने गुरुवार को बिरौल अंचल पुलिस निरीक्षक कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय में पड़े डॉक्यूमेंट्स और व्यवस्थाओं को अपडेट पाया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की। निरीक्षण के बाद एसएसपी ने बिरौल थाना भवन में आम लोगों के साथ जनसंवाद किया। उन्होंने कहा कि ये थाना आपका है। आप लोग हमारे साथ खड़े रहें, हम पूरी निष्ठा से आपकी सेवा करते रहेंगे। जनसंवाद के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जनता संवाद के दौरान एसएसपी ने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट के उपयोग की अपील करते हुए कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन रक्षा के लिए जरूरी है। साइबर फ्रॉड से लोगों को सतर्क रहने की अपील भी की साइबर फ्रॉड को लेकर उन्होंने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी और कहा कि अनजान लिंक, कॉल या संदेश पर क्लिक न करें, क्योंकि इससे बैंकिंग डिटेल और निजी जानकारी चोरी हो सकती है। उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने को लेकर स्पष्ट किया कि इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगता और यह नागरिक का कानूनी अधिकार है। बोले- बलात्कार जैसे गंभीर मामलों में पंचायती या समझौता का कोई स्थान नहीं एसएसपी ने जमीन संबंधी मामलों में जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही और इसके लिए 14 दिनों की समय सीमा तय होने की जानकारी दी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में पंचायत या समझौते का कोई स्थान नहीं है। यदि ऐसे मामलों में पंचायत की जाती है, तो उसमें शामिल लोग भी दंड के भागीदार माने जाएंगे। फरियादियों की समस्याओं को 7 दिन के अंदर निपटाने का निर्देश भी दिया इधर, बिरौल थाना परिसर में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान एसएसपी ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का निपटारा वैधानिक प्रक्रिया के तहत किया जाए और सात दिनों के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जनसुनवाई में भूमि विवाद, पारिवारिक विदा, मारपीट, चोरी जैसे मामले आए जनसुनवाई में भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद, मारपीट, धोखाधड़ी, चोरी और साइबर अपराध सहित कई मामले सामने आए। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य जनता की समस्याओं का सरल, पारदर्शी और त्वरित समाधान करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी, ताकि पुलिस और जनता के बीच विश्वास और सहयोग मजबूत हो सके। कार्यक्रम में एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी, थानाध्यक्ष चंद्रमणि कुमार, इंस्पेक्टर महफूज आलम, घनश्यामपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार, बड़गांव थानाध्यक्ष विनिता कुमारी, कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष सुशील कुमार सहित अनुमंडल के कई पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं शिवु झा, राधा मोहन चौधरी, प्रदीप यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और आम नागरिक मौजूद थे। दरभंगा के सीनियर एसपी जगुन्नाथ रेड्डी जलारेड्डी ने गुरुवार को बिरौल अंचल पुलिस निरीक्षक कार्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय में पड़े डॉक्यूमेंट्स और व्यवस्थाओं को अपडेट पाया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की। निरीक्षण के बाद एसएसपी ने बिरौल थाना भवन में आम लोगों के साथ जनसंवाद किया। उन्होंने कहा कि ये थाना आपका है। आप लोग हमारे साथ खड़े रहें, हम पूरी निष्ठा से आपकी सेवा करते रहेंगे। जनसंवाद के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जनता संवाद के दौरान एसएसपी ने सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों से हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन चालकों से सीट बेल्ट के उपयोग की अपील करते हुए कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन रक्षा के लिए जरूरी है। साइबर फ्रॉड से लोगों को सतर्क रहने की अपील भी की साइबर फ्रॉड को लेकर उन्होंने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी और कहा कि अनजान लिंक, कॉल या संदेश पर क्लिक न करें, क्योंकि इससे बैंकिंग डिटेल और निजी जानकारी चोरी हो सकती है। उन्होंने एफआईआर दर्ज कराने को लेकर स्पष्ट किया कि इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगता और यह नागरिक का कानूनी अधिकार है। बोले- बलात्कार जैसे गंभीर मामलों में पंचायती या समझौता का कोई स्थान नहीं एसएसपी ने जमीन संबंधी मामलों में जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही और इसके लिए 14 दिनों की समय सीमा तय होने की जानकारी दी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि बलात्कार जैसे गंभीर अपराधों में पंचायत या समझौते का कोई स्थान नहीं है। यदि ऐसे मामलों में पंचायत की जाती है, तो उसमें शामिल लोग भी दंड के भागीदार माने जाएंगे। फरियादियों की समस्याओं को 7 दिन के अंदर निपटाने का निर्देश भी दिया इधर, बिरौल थाना परिसर में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान एसएसपी ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत का निपटारा वैधानिक प्रक्रिया के तहत किया जाए और सात दिनों के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जनसुनवाई में भूमि विवाद, पारिवारिक विदा, मारपीट, चोरी जैसे मामले आए जनसुनवाई में भूमि विवाद, पारिवारिक विवाद, मारपीट, धोखाधड़ी, चोरी और साइबर अपराध सहित कई मामले सामने आए। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य जनता की समस्याओं का सरल, पारदर्शी और त्वरित समाधान करना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ऐसी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी, ताकि पुलिस और जनता के बीच विश्वास और सहयोग मजबूत हो सके। कार्यक्रम में एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी, थानाध्यक्ष चंद्रमणि कुमार, इंस्पेक्टर महफूज आलम, घनश्यामपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार, बड़गांव थानाध्यक्ष विनिता कुमारी, कुशेश्वरस्थान थानाध्यक्ष सुशील कुमार सहित अनुमंडल के कई पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं शिवु झा, राधा मोहन चौधरी, प्रदीप यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और आम नागरिक मौजूद थे।


