थानाध्यक्ष ने कहा- बच्चा चोर, डकैत-डकैत चिल्लाने लगे थे लोग:गायघाट गोलीकांड में पुलिस की ओर से FIR; लोगों ने घेरकर पथराव किया, आत्मरक्षा में की फायरिंग

थानाध्यक्ष ने कहा- बच्चा चोर, डकैत-डकैत चिल्लाने लगे थे लोग:गायघाट गोलीकांड में पुलिस की ओर से FIR; लोगों ने घेरकर पथराव किया, आत्मरक्षा में की फायरिंग

गायघाट के चोरनिया गांव में जगतवीर राय(55) के मौत मामले में पुलिस की ओर से भी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। तत्कालीन थानाध्यक्ष राजा कुमार ने पुलिस की ओर से थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। बताया कि छापेमारी करने के दौरान स्थानीय लोगों की ओर से विरोध किया गया। बच्चा चोर और डकैत-डकैत का हल्ला करने लगे। इसके बाद पुलिस को घेरकर पुलिस की गाड़ी पर पथराव किया गया। जिसमें गाड़ी का शीशा गया। इसके बाद आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग की गई। दोनों प्राथमिकी की पुलिस कर रही जांच गायघाट थाना में हत्याकांड मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक प्राथमिकी मृतक जगतवीर राय के पुत्र अविनाश कुमार और दूसरी तत्कालीन थानाध्यक्ष राजा कुमार की ओर दर्ज कराई गई है। पुलिस दोनों मामला दर्ज कर जांच कर रही है। मृतक के पुत्र ने कहा- थानाध्यक्ष ने सीने में मारी गोली मृतक जगतवीर राय के पुत्र अविनाश कुमार ने गायघाट थाने में तत्कालीन थानाध्यक्ष राजा सिंह पर निर्दोष पर गोली मारकर हत्या के आरोप में प्राथमिक की दर्ज कराई है। पुलिस को दिए आवेदन में बताया गया कि मंगलवार की देर रात गायघाट थानाध्यक्ष राजा सिंह अपने दल बल के साथ चोरनिया गांव में अजय कुमार राय के दरवाजे पर पहुंचकर उनके घर में घुसकर छापेमारी करने लगे। इस पर घर के लोगों ने छापेमारी का कारण पूछा। इसी बात पर थानाध्यक्ष राजा सिंह भड़क गए और गाली-गलौज तथा मारपीट करने लगे। इस पर जगतवीर राय ने उनकी शिकायत एसएसपी से करने की बात कही। जिसके बाद नशे में धुत्त थानाध्यक्ष राजा सिंह ने सर्विस रिवॉल्वर से जगतवीर राय के सीने में गोली मार दी, जिससे मौके पर ही मौत हो गई। जब मैं घटनास्थल पर पहुंचा तो पाया कि मेरे पिता की मृत्यु हो चुकी है। जब इसका विरोध किया तो थाना प्रभारी ने मुझे भी गोली मारने की चेतावनी दी। सीआईडी का भी लिया जाएगा परामर्श मंगलवार की देर रात हुई घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे, जिस पर वरीय अधिकारियों ने तुरंत जांच का आदेश दिया। जांच के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की विस्तार से पड़ताल की गई। मामले में तत्कालीन गायघाट थानाध्यक्ष राजा सिंह को निलंबित किया जा चुका है। आठ अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध। आवश्यकता पड़ने पर जांच में सीआईडी से भी परामर्श लिया जाएगा। एसएसपी कांतेश मिश्रा ने कहा है कि ड्यूटी में लापरवाही करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। गायघाट के चोरनिया गांव में जगतवीर राय(55) के मौत मामले में पुलिस की ओर से भी प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। तत्कालीन थानाध्यक्ष राजा कुमार ने पुलिस की ओर से थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। बताया कि छापेमारी करने के दौरान स्थानीय लोगों की ओर से विरोध किया गया। बच्चा चोर और डकैत-डकैत का हल्ला करने लगे। इसके बाद पुलिस को घेरकर पुलिस की गाड़ी पर पथराव किया गया। जिसमें गाड़ी का शीशा गया। इसके बाद आत्मरक्षा में हवाई फायरिंग की गई। दोनों प्राथमिकी की पुलिस कर रही जांच गायघाट थाना में हत्याकांड मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक प्राथमिकी मृतक जगतवीर राय के पुत्र अविनाश कुमार और दूसरी तत्कालीन थानाध्यक्ष राजा कुमार की ओर दर्ज कराई गई है। पुलिस दोनों मामला दर्ज कर जांच कर रही है। मृतक के पुत्र ने कहा- थानाध्यक्ष ने सीने में मारी गोली मृतक जगतवीर राय के पुत्र अविनाश कुमार ने गायघाट थाने में तत्कालीन थानाध्यक्ष राजा सिंह पर निर्दोष पर गोली मारकर हत्या के आरोप में प्राथमिक की दर्ज कराई है। पुलिस को दिए आवेदन में बताया गया कि मंगलवार की देर रात गायघाट थानाध्यक्ष राजा सिंह अपने दल बल के साथ चोरनिया गांव में अजय कुमार राय के दरवाजे पर पहुंचकर उनके घर में घुसकर छापेमारी करने लगे। इस पर घर के लोगों ने छापेमारी का कारण पूछा। इसी बात पर थानाध्यक्ष राजा सिंह भड़क गए और गाली-गलौज तथा मारपीट करने लगे। इस पर जगतवीर राय ने उनकी शिकायत एसएसपी से करने की बात कही। जिसके बाद नशे में धुत्त थानाध्यक्ष राजा सिंह ने सर्विस रिवॉल्वर से जगतवीर राय के सीने में गोली मार दी, जिससे मौके पर ही मौत हो गई। जब मैं घटनास्थल पर पहुंचा तो पाया कि मेरे पिता की मृत्यु हो चुकी है। जब इसका विरोध किया तो थाना प्रभारी ने मुझे भी गोली मारने की चेतावनी दी। सीआईडी का भी लिया जाएगा परामर्श मंगलवार की देर रात हुई घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे, जिस पर वरीय अधिकारियों ने तुरंत जांच का आदेश दिया। जांच के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की विस्तार से पड़ताल की गई। मामले में तत्कालीन गायघाट थानाध्यक्ष राजा सिंह को निलंबित किया जा चुका है। आठ अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध। आवश्यकता पड़ने पर जांच में सीआईडी से भी परामर्श लिया जाएगा। एसएसपी कांतेश मिश्रा ने कहा है कि ड्यूटी में लापरवाही करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।  

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